NTPC में बड़ा कोयला घोटाला: लारा के लिए निकले 575 ट्रेलर रास्ते में ही गायब, CBI जांच में कई अधिकारी घिरे, दर्ज हुई एफआईआर..

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रायगढ़// देश की बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी NTPC के लारा प्लांट से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोयला आपूर्ति में भारी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है, जहां 575 ट्रेलर कोयला प्लांट तक पहुंचने से पहले ही गायब हो गए। इस मामले में CBI ने पांच अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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रिकॉर्ड में गड़बड़ी से खुला पूरा खेल

जानकारी के अनुसार, जब तलाईपाली माइंस से उत्पादन कम हुआ, तब लारा प्लांट को अन्य खदानों से सड़क मार्ग से कोयला भेजा जा रहा था। इसी दौरान रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि 28 अप्रैल 2023 से 22 मई 2024 के बीच 575 ट्रेलर कोयला प्लांट तक पहुंचा ही नहीं, जबकि इसके लिए पहले ही भुगतान किया जा चुका था। इससे कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।

CISF गेट रजिस्टर से हुआ बड़ा खुलासा

प्लांट की सुरक्षा कर रही CISF के गेट एंट्री रजिस्टर और वित्त विभाग के रिकॉर्ड का मिलान करने पर बड़ा अंतर सामने आया। सिर्फ अक्टूबर 2023 में ही 154 ट्रेलर गायब पाए गए, जिससे एक महीने में ही करीब 95.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पूरे मामले ने प्लांट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इन अधिकारियों पर दर्ज हुई FIR, जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे CBI को सौंपा गया। जांच के बाद जिन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें सजल रॉय (तत्कालीन एजीएम, फाइनेंस कोल कोऑर्डिनेशन, NTPC लारा), बीबी परीदा (तत्कालीन सीनियर मैनेजर, पी एंड एस टेक सर्विसेज, NTPC तालचेर), शिलक राम चंद्राकर (असिस्टेंट मैनेजर, ऐश हैंडलिंग, NTPC लारा), जेपी लधिया (असिस्टेंट मैनेजर, फ्यूल हैंडलिंग ऑपरेशन, NTPC गाडरवारा) और शिवराम पाणि (असिस्टेंट मैनेजर, NTPC तालचेर) शामिल हैं। इसके अलावा अन्य अज्ञात अधिकारी, CISF कर्मी और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल CBI पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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