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सारंगढ़-बिलाईगढ़// इमरजेंसी में लोगों की मदद के लिए बनाई गई डायल 112 सेवा खुद इस समय मदद की मोहताज नजर आ रही है। ओडिशा सीमा से लगे डोंगरीपाली थाना क्षेत्र में यह सेवा पिछले करीब 10–15 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ी है। इससे इलाके के लोगों को आपात स्थिति में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
थाने में खड़ी-खड़ी जंग खा रही गाड़ी
डोंगरीपाली थाना क्षेत्र, जो जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर है, वहां डायल 112 की गाड़ी खराब होकर थाने में ही खड़ी है। संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद वाहन की मरम्मत में देरी प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा पर असर
डोंगरीपाली थाना ओडिशा सीमा से करीब 8 किलोमीटर दूर है, जहां सुरक्षा के लिहाज से डायल 112 सेवा बेहद जरूरी है। वाहन खराब होने के कारण किसी भी आपात स्थिति में बरमकेला से गाड़ी मंगानी पड़ती है, जो करीब 30 किलोमीटर दूर है। ऐसे में जहां मदद 15–20 मिनट में मिलनी चाहिए, वहां 1–2 घंटे लग रहे हैं, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।
गरीब आदिवासी परिवारों पर बढ़ा बोझ
इस क्षेत्र के करीब 55 गांवों के लोग डायल 112 की सुविधा से वंचित हैं। आदिवासी बहुल इलाके में आपातकाल के दौरान लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसमें हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
थाना प्रभारी भगवती प्रसाद कुर्रे ने बताया कि वाहन पिछले 10–15 दिनों से खराब है और इसकी जानकारी विभाग को दे दी गई है। अधिकारी वाहन का निरीक्षण कर चुके हैं और जल्द ही इसे ठीक कर सेवा फिर से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह महत्वपूर्ण सेवा कब तक फिर से पटरी पर लौटती है।



