रायगढ़ में फिर फूटा अफीम बम : आमाघाट के बाद अब लैलूंगा के घटगांव में अफीम की खेती का हुआ भंडाफोड़..

शेयर करें...

रायगढ़// छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती का काला खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमनार में हुई बड़ी कार्रवाई की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब लैलूंगा क्षेत्र के घटगांव में अफीम की अवैध फसल मिलने से पूरे प्रशासनिक तंत्र में सनसनी फैल गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि जिले में कहीं न कहीं संगठित स्तर पर मादक पदार्थों की खेती का नेटवर्क सक्रिय है।

Join WhatsApp Group Click Here

सूत्रों के अनुसार घटगांव ग्राम के कम से कम तीन अलग-अलग खेतों में अफीम की फसल लहलहाती पाई गई है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले का खुलासा प्रशासनिक टीम ने नहीं, बल्कि भाजपा नेता रवि भगत ने किया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इस अवैध खेती का पर्दाफाश किया, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया।

गौरतलब है कि महज तीन दिन पहले ही तमनार थाना क्षेत्र के आमघाट में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी। अब घटगांव में फिर से वही तस्वीर सामने आना प्रशासनिक विफलता की ओर साफ इशारा कर रहा है। एक ही सप्ताह में दो बड़े खुलासे इस बात के संकेत हैं कि जिले में अवैध नशे की खेती का जाल तेजी से फैल रहा है।

इंटेलिजेंस फेल या मिलीभगत? उठ रहे बड़े सवाल

लगातार मिल रहे इन मामलों ने पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्षेत्र के कोटवार और पटवारी इतने बड़े अवैध काम से अनजान कैसे रहे? और सबसे बड़ा सवाल..? बिना मौके की सही जांच किए पटवारी नरेंद्र भोय द्वारा यह रिपोर्ट देना कि उनके हल्का क्षेत्र में कहीं भी गांजा या अफीम की खेती नहीं हुई, क्या यह लापरवाही है या कुछ और बड़ा खेल?

अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका गहराई

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार मामलों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर सकता है, जिसमें अंतरराज्यीय गिरोह की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जिले में अफीम की खेती का यूं बार-बार सामने आना किसी बड़े रैकेट की ओर इशारा कर रहा है।

प्रशासन की सुस्ती से बढ़ रहा खतरा

प्रदेश के कई जिलों में ऐसे मामले सामने आने के बावजूद प्रशासन अभी भी “रिएक्टिव मोड” में नजर आ रहा है। सवाल यह है कि आखिर “प्रोएक्टिव” कार्रवाई कब होगी? क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?

युवाओं के भविष्य पर संकट

अफीम जैसी खतरनाक मादक फसल का फैलाव केवल कानून व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। अगर समय रहते इस नेटवर्क को जड़ से खत्म नहीं किया गया, तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

Scroll to Top