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रायपुर/ प्रदेश में नशीला पदार्थ एमडीएमए (मिथाइलीन डाइआक्सी मेथैमफेटामाइन) की सप्लाई करने वाले 9 आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। आरोपियों से पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, वह काफी चौंकाने वाला है, क्योंकि गिरफ्तार आरोपियों में नेता, सिपाही और एमबीए के छात्र शामिल हैं। आरोपी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग की पार्टियों में भी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। ड्रग्स सप्लाई मामले में आज बिलासपुर से 1 और रायपुर से 1 आरोपी को की गिरफ्तार किया गया है।
छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों में रईसों की पार्टी में ड्रग्स सप्लाई के खुलासे के बाद आज दो और युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बिलासपुर के हेमू नगर तोरवा निवासी 27 साल का गौरव शुक्ला पिता वेद प्रकाश शुक्ला और आशीष जोशी पिता जोगराज जोशी उम्र 36 साल निवासी इशिता पैराडाईज न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर शामिल हैं।
पुलिस ने ड्रग्स गैंग का किया था खुलासा
रायपुर एसएसपी ने गुरुवार को ड्रग्स गैंग का खुलासा करते हुए बताया था, कि रायपुर और बिलासपुर में दो अलग-अलग गैंग ड्रग्स की सप्लाई का काम करती थी। रापयुर में श्रेयांस और विकास बंछोर तो बिलासपुर में मिन्हाज मेमन सप्लाई का काम देखते थे। मेमन का कारोबार बढ़ने लगा तो उसने अभिषेक उर्फ डेविड को अपने साथ इस व्यवसाय में शामिल कर लिया। इसी बीच दोनों के बीच विवाद हो गया और अभिषेक का नेटवर्क तेज हो गया। इसी बीच बालोद जीआरपी में पदस्थ लक्ष्मण गाईन से क्रिकेट खेलने के दौरान अभिषेक शुक्ला की जान-पहचान हो गई। लक्ष्मण गाईन अभिषेक को ड्रग्स खरीदने के लिए पैसा दिया करता था। अभिषेक शुक्ला गोवा में रहकर होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा था। एलेन गोवा में ड्रग्स का कारोबार करने वाले नाइजीरियन (नीग्रो) के संपर्क में आया तथा वह भी इस व्यवसाय में जुड़ गया। आरोपित जहाज से तो गोवा जाते ही थे तो कभी लक्ष्मण की वर्ना कार से गोवा जाते थे। अभिषेक को ड्रग्स सप्लाई के लिए अपना नेटवर्क और बढ़ाना था, क्योंकि बिलासपुर में ड्रग्स के ग्राहक कम मिलते थे, इसलिए उसने रायपुर में ड्रग्स की सप्लाई कर रहे श्रेयांस और विकास से दोस्ती कर ली और फिर दोनों गैंग रापयुर, बिलासपुर, दुर्ग भिलाई में ड्रग्स की सप्लाई की घटना को अंजाम देने लगे। सूत्रों की मानें तो आरोपित अभिषेक शुक्ला प्रदेश की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी में पदाधिकारी है।

