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मुंगेली/ पूरा मामला मुंगेली जिले के समीपस्थ ग्राम पंचायत अमलीडीह के आश्रित ग्राम गजिया नवांगाँव का है, जहां गजिया नवांगांव के शासकीय स्कुल में बने क्वारेंटाइन सेंटर में गाँव के ही दो प्रवासी मजदुर पिछले तीन दिनों से क्वारेंटाइन नियमो का पालन करते ठहरे हुए है.. जिन्हें पंचायत के बाग़ डोर संभाल रहे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और सचिव के निष्क्रियता की मार झेलना पड़ रहा है..

मजदूरो ने सरपंच, सचिव के ऊपर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए बताया कि वे वर्तमान में व्याप्त कोरोना महामारी के चलते लागू लॉक डाउन की वजह से तीन दिन पहले हैदराबाद से पैदल चलकर गाँव पहुचे हुए है. जिन्हें कोटवार द्वारा गजिया नवागांव स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया. वही पिछले तीन दिनों से उन्हें शौचालय और पेयजल जैसी घोर समस्याओ से जूझना पड़ रहा है. लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी पंचायत के सचिव, सरपंच, कोटवार या रोजगार सहायक किसी ने भी उनकी सुध नही ली है. वही जब Rj 24 news द्वारा इस सम्बन्ध में सरपंच और सचिव से बात की गयी तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए रोजगार सहायक और कोटवार के ऊपर ही बात नही मानने की बात करने लगे. वही Rj 24 news के हस्तक्षेप के बाद सरपंच और सचिव मजदूरो का हाल जानने गाँव पहुचे जहाँ उनके द्वारा क्वारेंटाइन सेंटर में मौजूद दुसरे शौचालय को खुलवाया और मजदूरो को हो रहे समस्या का समाधान किया गया.

यहाँ यह बताना लाजमी होगा की सरकार ने वर्तमान में व्याप्त कोरोना महामारी के मद्देनजर बाहर से आये मजदूरो के ठहरने के लिए क्वारेंटाइन सेंटर में समुचित व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए है. साथ ही गाँव के सचिव, कोटवार या रोजगार सहायक को इन मजदूरो की सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए गये है. लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और सचिव द्वारा गाँव के कोटवार, रोजगार सहायक और वालिनटियरो के साथ आपसी तालमेल नही होने की वजह से प्रवासी मजदूरो को घोर समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही सरकार के निर्देशों की धज्जियाँ उड़ रही है. ऐसे में उच्च अधिकारियो द्वारा ग्राम पंचायतो का दौरा करते क्वारेंटाइन सेंटरों का निरीक्षण कर गैर जिम्मेदारो के ऊपर कार्यवाई करने की जरुरत समझी जा रही है ताकि प्रवासी मजदूरो को समस्याओ का सामना करना न पड़े और सरकार के दिशा निर्देशों सहित क्वारेंटाइन नियमो का पालन हो सके..
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