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रायपुर/ आखिरकार 21 दिन का ब्रेक लेने के बाद मानसून सोमवार को मुंबई से आगे बढ़ा और करीब 425 किमी दूर गुजरात के बडोदरा व मप्र के खरगोन जिले तक पहुंच गया। वहीं, महाराष्ट्र के विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया। बस्तर से सोमवार को यह मध्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले तक पहुंच गया है।
मंगलवार को इसके प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। अगले तीन-चार दिन प्रदेशभर में अच्छी बारिश होगी। मौसम विभाग ने प्रदेश में कई जगह भारी से अतिभारी बारिश की भी चेतावनी जारी की है।
आमतौर पर बस्तर से मानसून को रायपुर पहुंचने में औसतन चार से पांच दिन लगते हैं। 10 जून को बस्तर और 15 जून तक रायपुर में इसकी एंट्री हो जाती है। इस साल मानसून बस्तर में 26 मई को पहुंच गया था। यह सामान्य तारीख से करीब 13 दिन पहले था।
अब रायपुर पहुंचने में दो दिनों की देरी होने की संभावना है। मंगलवार तक अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून 18 जून तक रायपुर में दाखिल हो सकता है। मानसून अपने साथ घने बादल और बारिश लेकर आ रहा है। प्रदेश में अगले तीन-चार दिनों तक तगड़ी बारिश होगी।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए गुजरात में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगले दो दिन के लिए 20 राज्यों- केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, प. बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और सभी पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। बाकी राज्यों के लिए विभाग ने बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
आज बिहार-झारखंड समेत 20 राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट; गुजरात के लिए रेड, बाकी में येलो अलर्ट जारी
रेड अलर्ट यानी तुरंत कार्रवाई करें
बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश (64.5 मिमी प्रति घंटा से अधिक) की आशंका दर्शाता है।
ऑरेंज अलर्ट यानी तैयार रहें
भारी बारिश (35.6 मिमी से 64.4 मिमी प्रति घंटा) दिखाता है। बाढ़, भूस्खलन, जलभराव जैसे खतरे।
येलो अलर्ट यानी सावधान रहें
हल्की से मध्यम वर्षा (7.6 मिमी से 35.5 मिमी प्रति घंटा) का संकेत। जाम, जलभराव संभव।
रेड व ऑरेंज अलर्ट में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर।
यूं बढ़ रहा मानसून
अरब सागर में महाराष्ट्र तट पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है, जो गुजरात की ओर बढ़ रहा है। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जो ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मप्र होते हुए राजस्थान पहुंचेगा और रास्ते के सभी इलाकों में बारिश कराएगा।

