कोल लिफ्टिंग को लेकर SECL गेवरा माइंस में हिंसक झड़प, CISF के सामने दो गुटों में चले मुक्के लात, 12 के खिलाफ अपराध दर्ज..

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कोरबा// कोरबा में एसईसीएल की गेवरा माइंस में हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। यहां कोल लिफ्टिंग को लेकर दो निजी कपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद स्थिति मारपीट तक पहुंच गयी। खदान के भीतर ही दोनों गुटों ने कर्मचारियों ने सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में ही एक-दूसरे पर हमला कर दिया। पुलिस ने इस घटना पर काउंटर केस दर्ज कर 12 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

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जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला दीपका थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि गेवरा खदान में लंबे समय से केके एंटरप्राइजेज का प्रभाव रहा है। गेवरा खदान में कोल लिफ्टिंग को लेकर अक्सर अन्य कंपनियों पर दबाव बनाया जाता रहा है। जिससे आए दिन तनाव की स्थिति बनी रहती है। खदान नियमों के अनुसार खदान से कोयला छांटकर लोडिंग पर सख्त पाबंदी है। बावजूद इसके प्रबंधन की सांठगांठ से कुछ चुनिंदा कंपनियों के कोल लिफ्टर कोयले की छटिंग कराकर लोडिंग करायी जा रही थी। इसी बात को लेकर शनिवार रात विवाद शुरू हुआ।

बताया जा रहा है कि गेवरा खदान के बी-टू स्टॉक से कोयला उठाने को लेकर केसीपीएल कंपनी और केके एंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बड़ा कि स्थिति मारपीट में बदल गई। आरोप है कि केके एंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों ने केसीपीएल के कर्मचारियों पर खदान के अंदर ही हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि मारपीट की जानकारी मिलते ही सीआईएसएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गये थे। लेकिन सीआईएसएफ जवानों के सामने की कोल लिफ्टर के लोगों ने जमकर मारपीट की।

इस घटना में दीपक वैष्णव और अभय कुमार वर्मा गंभीर रूप से घायल हुए है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। खदान के भीतर हुई इस गुंडागर्दी से जहां अन्य कर्मचारियों में भय का माहौल है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर एसईसीएल प्रबंधन और खदानों में तैनात सुरक्षा एजेंसियों की कार्य प्रणाली पर सवालियां निशान लगा दिया है।

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