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मुंगेली// अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के प्रतिबंधित कोर जोन से सटे इलाके में हथियार लेकर घुसने और फायरिंग करने की सनसनीखेज घटना ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।

पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजीत वैष्णव (26), अनिकेत (27) और विक्रांत वैष्णव (36) शामिल हैं। इनके कब्जे से दो एयर राइफल और एक टाटा सफारी स्टॉर्म वाहन जब्त किया गया है। तीनों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए हैं। घटना स्थल पर तैनात बैरियर गार्ड को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, वहीं संबंधित क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने साफ किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी हथियार लहराते और फायरिंग करते नजर आ रहे हैं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। डिप्टी डायरेक्टर ATR ने कहा कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में कमी को उजागर करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
वन विभाग ने जानकारी दी कि ATR क्षेत्र में अब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। अतिरिक्त गश्ती दल तैनात किए जाएंगे और सभी बैरियर तथा गार्ड पोस्ट की निगरानी सख्ती से की जाएगी। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोर जोन में हथियार लेकर प्रवेश करना गंभीर अपराध है, जिससे न सिर्फ वन्यजीवों के जीवन को खतरा होता है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। वन विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवन संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला दिया है। विभाग ने दोहराया है कि ATR के प्रतिबंधित कोर जोन में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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