पंचायतों में चल रहा फर्जी बिल का खेल, बिना सामान सप्लाई कागजी बिल देने का आरोप, वेंडर निलेश ट्रेडर्स पर GST विभाग की टेढ़ी नजर, जल्द होंगे खुलासे..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले के विकासखंड सारंगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत विकास कार्यों के नाम पर एक बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्राम अचानकपाली निलेश ट्रेडर्स नामक फर्म द्वारा ग्राम पंचायतों को केवल कागजी बिल थमाकर अवैध वसूली करने का मामला तूल पकड़ चुका है। इस गंभीर शिकायत पर अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ के GST विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

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क्या है पूरा मामला?

सूत्रों और शिकायतों के अनुसार, निलेश ट्रेडर्स धरातल पर किसी भी प्रकार की वैध सामग्री की आपूर्ति किए बिना केवल कागजी बिल (बिना माल सप्लाई किए) सरपंचों और सचिवों को थमा रहा है। इस फर्जीवाड़े की एवज में यह फर्म बिल राशि का 3 से 5 प्रतिशत तक भारी-भरकम कमीशन चार्ज वसूल रही है।

पंचायतों के विकास फंड में इस तरह की अवैध सेंधमारी और फर्जी बिलिंग ने सरकारी तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसकी शह पर ग्रामीण विकास के पैसों का इस तरह खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है?

विभाग सख्त, दोषियों पर गिरेगी गाज

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जागरूक नागरिकों ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित GST विभाग का दरवाजा खटखटाया, तो विभाग ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। GST विभाग के सहायक आयुक्त ने इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन दिया है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में ‘निलेश ट्रेडर्स’ या अन्य कोई भी पक्ष दोषी पाया जाता है, तो उन पर छत्तीसगढ़ जीएसटी अधिनियम और प्रचलित नियमों के तहत कठोर से कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

क्या अब खुलेंगे बड़े राज?

यह जांच सिर्फ एक फर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई अन्य पंचायतों और सफेदपोशों के भी बेनकाब होने की संभावना जताई जा रही है। क्या ग्रामीण विकास के नाम पर चल रहे इस कमीशनखोरी के खेल का अंत होगा? या फिर कागजी बिलों का यह काला कारोबार यूं ही जारी रहेगा? क्षेत्र की निगाहें अब GST विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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