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मुंगेली//सरगांव राष्ट्रीय राजमार्ग-130 मनियारी से ग्राम धमनी तक जाने वाला प्रमुख पहुंच मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बारिश का पानी भरने से राहगीरों एवं वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजाना जोखिम उठाकर इस मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है।
यह मार्ग केवल ग्राम धमनी ही नहीं, बल्कि धमनी, ककेड़ी, लोहदा, रमतला, पकरिया, चंदली, बदरा सहित कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी सड़क के जरिए बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत और स्थायी निर्माण को लेकर जिम्मेदार विभाग की उदासीनता ग्रामीणों में नाराजगी का कारण बनी हुई है।
भारी वाहनों की आवाजाही ने बढ़ाई परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में पत्थर खदान, गिट्टी क्रेशर, चूना फैक्ट्री और एफसीआई गोदाम संचालित हैं। इन गतिविधियों के चलते मार्ग पर दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती गई और अब यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
बारिश के बाद सड़क की स्थिति और गंभीर हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
जनसुनवाई में उठी आवाज, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
10 जुलाई को ग्राम धमनी में आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई के दौरान ग्राम धमनी के उपसरपंच अजाज अली ने सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने प्रशासन के समक्ष सड़क निर्माण एवं सुधार की मांग रखी थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जनसुनवाई के बाद संबंधित विभाग सड़क की सुध लेगा, लेकिन अब तक आवश्यक मरम्मत तक नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के करीब 20 गांवों के लिए जीवनरेखा है। खनिज परिवहन से जुड़े भारी वाहनों के कारण सड़क पर गड्ढे बन गए है अतिरिक्त दबाव को देखते हुए केवल गड्ढों की खानापूर्ति वाली मरम्मत पर्याप्त नहीं चाहिए, बल्कि मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सड़क का स्थायी समाधान जरूरी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराने, गड्ढों की शीघ्र मरम्मत करने, भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने तथा सड़क का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब तक कार्रवाई करता है।


