बाल विवाह रोकने प्रशासन अलर्ट : बाल विवाह कराने वाले, सहायता करने वाले तथा शामिल होने वालों को 02 साल का हो सकता है जेल एवं 01 लाख जुर्माना…

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रायगढ़// बाल विवाह रोकने हेतु कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देश पर जिला प्रशासन अलर्ट पर है। रामनवमी एवं अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले बाल विवाहों पर प्रशासन की कड़ी नजर है। इसे रोकने के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत, पुलिस, चाईल्ड हेल्प लाईन को अलर्ट किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सभी परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी सुपरवाईजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सर्तक रहने हेतु निर्देशित किया गया है। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर उन्हें समझाईश दिया जाएगा। समझाईश के पश्चात भी यदि बाल विवाह कराया जाता है, तो संबंधितों को बाल कल्याण समिति रायगढ़ में प्रस्तुत किया जाकर उनके विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज किया जाएगा। बाल विवाह कराने वाले, सहायता करने वाले तथा बाल विवाह में शामिल होने वालों को 02 वर्ष का कठोर करावास एवं 01 लाख रुपये जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

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उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार बाल विवाह मुक्त रायगढ़ बनाने हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले के सभी स्वंयसेवी संगठनों एवं सर्व समाज प्रमुखों की बैठक ली जाकर बाल विवाह रोकने की अपील की गई। छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास द्वारा बाल विवाह रोकने हेतु परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी के सुपरवाईजर तथा पंचायत सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया गया है।

1098 पर काल कर दी जा सकती है सूचना
महिला एवं बाल विकास विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में बाल विवाह कराये जाने की सूचना प्राप्त हो तो उसकी सूचना अविलंब चाइल्ड हेल्प लाईन टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना दी जा सकती है।

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