राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न, निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने लिया भाग..

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रायगढ़, पुसौर// राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) अंतर्गत निजी विद्यालयों के लिए विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण 3 फरवरी से 7 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोरों के स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक संतुलन, स्वच्छता और जीवन कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

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कार्यक्रम में किशोर अवस्था में होने वाले शारीरिक व मानसिक परिवर्तनों, संतुलित आहार, स्वच्छ आदतों, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल जैसे निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास व संवाद कौशल पर विस्तार से जानकारी दी गई। शिक्षकों को यह भी बताया गया कि वे विद्यालय में विद्यार्थियों के मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं और उन्हें सही दिशा दें।

मास्टर ट्रेनर के रूप में डॉ. योगेश पटेल ने प्रशिक्षण का नेतृत्व किया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों में डॉ. रेणुका नायक, भुवनेश्वर चौहान, भागीरथी प्रधान, गजानन पटेल, हेमा पटेल, सालिकराम नायक और पुष्पांजलि दासे शामिल रहे। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद नायक और डॉ. उद्धव पटेल का विशेष सहयोग रहा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र देवांगन की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।

प्रशिक्षण में विभिन्न निजी विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी की। इनमें राजेंद्र कुमार आर्य (आर्य विद्यालय तुरंगा), गांधारी पाव जगदीश श्रीवास (आर्य विद्यासागर पुसौर), देवकुमारी गुप्ता (सरस्वती शिशु मंदिर बड़े हरदी), प्रीति गुप्ता (अभिनव विद्या मंदिर अंग्रेजी माध्यम हायर सेकेंडरी स्कूल पुसौर), मनोरमा शर्मा (अभिनव विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी हिंदी माध्यम स्कूल पुसौर), शेष देव (माध्यमिक शाला सुपा), सुभाष चंद्र (विशाल आदर्श ग्राम्य भारती पुसौर), तीरथ पटेल (गुरुकुल स्कूल), कैलाशिनी गुप्ता (लिटिल एंजेल पब्लिक स्कूल तड़ोला), वैष्णव भोय (मेमोरियल पब्लिक स्कूल धनगांव), बीसिकेशन गुप्ता (सद्भावना पब्लिक स्कूल बड़े भंडार), प्रीति सिंह (न्यू ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल झलमला), शशिकला सिदार (ज्ञान शक्ति विद्या मंदिर सिहा), सुनीता बर्मन (श्री राम पब्लिक स्कूल बुनगा), दीप्ति साहू (सेंट जेरोम मियानि स्कूल जकेला), नीता पटेल (पायोनियर पब्लिक स्कूल कोडातराई) और सिंधु गुप्ता (अभिनव विद्या मंदिर कोडपाली) शामिल रहीं।

प्रशिक्षण के समापन पर कहा गया कि यह पहल किशोरों के स्वस्थ, जागरूक और सशक्त भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताया और इसे विद्यालय स्तर पर लागू करने का संकल्प लिया।

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