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सारंगढ़-बिलाईगढ़// राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील अंतर्गत ग्राम रानीडीह निवासी स्वप्निल प्रधान ने जिले का नाम रोशन किया है। स्वप्निल को उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए राज्य खेल अलंकरण समारोह में शहीद कौशल यादव पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित किया गया।
राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इसी समारोह में स्वप्निल प्रधान को मार्शल आर्ट खेल वुशु में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र, मोमेंटो, ब्लेजर और टाई प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वुशु में शानदार प्रदर्शन के लिए मिला सम्मान
स्वप्निल प्रधान को यह सम्मान नॉन ओलंपिक खेल वुशु में उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया है। राज्य स्तर के इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने के बाद उनके गांव रानीडीह और सरिया क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्वप्निल की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं और खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का हुआ सम्मान
राज्य खेल अलंकरण समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया, जबकि 540 अन्य खिलाड़ियों के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि अंतरित की गई। इस दौरान खेल जगत से जुड़े खिलाड़ी, प्रशिक्षक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
रानीडीह से राज्य स्तर तक पहुंची स्वप्निल की प्रतिभा
ग्राम रानीडीह जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर स्वप्निल प्रधान ने वुशु जैसे मार्शल आर्ट खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर पहचान बनाई है। राज्य खेल अलंकरण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित होना उनके खेल सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र के लोगों में उत्साह है और उम्मीद है कि उनकी उपलब्धि से ग्रामीण अंचल के अन्य युवा भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।


