म्यूल अकाउंट से 2.71 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा, दुर्ग से तीन आरोपी गिरफ्तार, हजार मोबाइल नंबरों के विश्लेषण से पहुंची सारंगढ़ पुलिस आरोपियों तक..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// साइबर ठगी के पैसों को म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए ट्रांजेक्शन कराने के मामले में सिटी कोतवाली सारंगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दुर्ग जिले से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराकर और सर्वर के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का अवैध ट्रांजेक्शन कराया जाता था। जांच में संबंधित बैंक खाते में एक साल के दौरान ₹2 करोड़ 71 लाख 75 हजार 719 से अधिक का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है।

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56 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा मिला बैंक खाता

पुलिस के मुताबिक साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त शिकायतों के तकनीकी विश्लेषण के दौरान एक बैंक खाते में संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए। जांच में यह खाता दिनेश बंजारे के नाम पर होना सामने आया। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 323/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4), 317(5), 3(5) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में पुलिस के अनुसार दिनेश बंजारे ने अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम साइबर ठगी में शामिल लोगों को उपलब्ध कराया था। इसके बदले उसे कमीशन मिलने की बात सामने आई। पुलिस के तकनीकी विश्लेषण में इस खाते से जुड़े देश के अलग-अलग राज्यों में 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें भी मिलीं।

2 हजार मोबाइल नंबरों की जांच के बाद आरोपियों तक पहुंची पुलिस

मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने करीब 2,000 मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान के बाद पुलिस टीम ने 16 सितंबर को चंद्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग में दबिश दी। पुलिस ने मौके से चेतन निषाद उर्फ भदरी उर्फ लक्की (23), देवा श्रीकांत चन्द्राकर (31) और योगेन्द्र चन्द्राकर (32) को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

APK फाइल डाउनलोड कराकर कराते थे ट्रांजेक्शन

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने मोबाइल फोन में APK फाइल डाउनलोड कराने और सर्वर के माध्यम से अवैध ट्रांजेक्शन कराने की जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अनिल पटेल के साथ मिलकर दिनेश बंजारे के बैंक खाते में ₹2.71 करोड़ से अधिक की राशि का ट्रांजेक्शन कराया और इसके एवज में कमीशन प्राप्त किया। इससे पहले मामले में अनिल पटेल निवासी सकरतुंगा, दिनेश बंजारे और उत्तम बाई बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।

कार, मोबाइल, एटीएम कार्ड और पासबुक जब्त

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वर्ना कार क्रमांक CG-10-AQ-7723, जिसकी अनुमानित कीमत ₹6 लाख है, पांच मोबाइल फोन, अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख, तथा एटीएम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। तीनों आरोपियों को 16 सितंबर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर उप जेल सारंगढ़ भेज दिया गया।

साइबर नेटवर्क की आगे भी जांच जारी

पुलिस के अनुसार मामले में साइबर ठगी की रकम के स्रोत, ट्रांजेक्शन से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधों के खिलाफ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली सारंगढ़ निरीक्षक प्रमोद यादव, सउनि प्रकाश रजक, प्रधान आरक्षक भंवर काटले, प्रधान आरक्षक सोनसाय यादव, आरक्षक विमल जांगड़े, पुरुषोत्तम राठौर तथा साइबर सेल से रामकुमार मानिकपुरी और दीपक मैत्री सहित थाना एवं साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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