अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती: कलेक्टर ने बनाई संयुक्त टीम, खनन माफियाओं पर कार्रवाई के निर्देश..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने समय-सीमा बैठक में साफ निर्देश दिए कि रेत खदानों में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने खनिज अधिकारी को विशेष निगरानी रखने और लगातार अभियान चलाने को कहा।

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कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के सभी सीईओ को निर्देश दिया कि पीएम आवास के हितग्राहियों और उनके ट्रैक्टरों की सूची उपलब्ध कराएं, ताकि निर्माण कार्य में लगे वाहनों की स्पष्ट पहचान हो सके और अवैध परिवहन पर रोक लगाई जा सके।

लंबित आवेदनों के जल्द निराकरण के निर्देश

बैठक में जिले के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से प्राप्त आवेदन, मांग और शिकायतों की स्थिति जानी। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों का जल्द और गंभीरता से निराकरण हो। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने धरती आबा, आयुष्मान कार्ड, पीएम सूर्यघर योजना, आभा आईडी, अपार आईडी, पीएम स्वनिधि और पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की।

सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को मार्च तक आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीयन पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूरा करने की चेतावनी भी दी गई।

जनदर्शन के मामलों में संवेदनशीलता जरूरी

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समाधान देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

रबी फसलों की 100 प्रतिशत गिरदावरी के निर्देश

रबी सीजन में दलहन, सरसों और मूंगफली जैसी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार और पटवारियों को 100 प्रतिशत गिरदावरी करने को कहा गया। ताकि किसानों को खरीदी में किसी तरह की दिक्कत न हो।

‘प्रशासन गांव की ओर’ के तहत रात्रिकालीन जन चौपाल

बैठक में बताया गया कि ‘प्रशासन गांव की ओर’ थीम पर आने वाले दिनों में रात्रिकालीन जन चौपाल का आयोजन किया जाएगा। सरिया तहसील का सांकरा गांव, जो चारों ओर से ओडिशा के गांवों से घिरा है, वहां विशेष शिविर लगाने की तैयारी है। ऐतिहासिक रूप से यह गांव रियासतकाल में सारंगढ़ रियासत को दान में मिला था।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था, योजनाओं का क्रियान्वयन और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण प्रशासन की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ संयुक्त अभियान और तेज होने के संकेत हैं।

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