स्नेक बाइट मुआवजा घोटाला : सिम्स की महिला डॉक्टर प्रियंका सोनी गिरफ्तार, 15 अन्य मामलों की जांच तेज..

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बिलासपुर// स्नेक बाइट से फर्जी मौत की रिपोर्ट बनाकर मुआवजा दिलाने के मामले में पुलिस ने सिम्स में पदस्थ रहीं डॉक्टर प्रियंका सोनी को गिरफ्तार किया है। उन पर दो मामलों में स्नेक बाइट से मौत की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है।

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दो मामलों की जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

पुलिस के मुताबिक, तहसील कार्यालय के नायब नाजिर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत के मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और स्नेक बाइट से मौत होने की फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसके बाद फरार चल रही डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

मामले में तीन आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल

बता दें कि इससे पहले इस मामले में दोनों मृतकों के परिजन और एक वकील समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा स्नेक बाइट के 15 मामलों की जांच के दायरे में 4-5 अन्य डॉक्टर भी हैं।

इन दोनों मामलों में मृतक निसार खान की पत्नी सफीना बानो, लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी और वकील रंजीत कुमार चतुर्वेदी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताए जा रहे वकील श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा है।

डॉक्टर प्रियंका के खिलाफ एक और मामले में भी दर्ज है केस

डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भी एक अलग मामला दर्ज है। आरोप है कि तालापारा निवासी पवन यादव की मौत को उन्होंने स्नेक बाइट बताया था, जबकि जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक निकला। इस मामले में पवन यादव की पत्नी और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। सिविल लाइन पुलिस अब जेल से प्रोडक्शन वारंट पर डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।

2025 में सामने आया था पहला मामला

साल 2025 में बिल्हा थाना क्षेत्र में जहर खाने से हुई एक मौत को स्नेक बाइट बताकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का पहला मामला सामने आया था। उस मामले में भी डॉ. प्रियंका सोनी, मृतक के परिजन और एक वकील को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

15 मामलों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, जिले में फर्जी स्नेक बाइट से मौत दिखाकर मुआवजा दिलाने के 15 मामलों की जांच चल रही है। सभी मामलों की समीक्षा कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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