मंत्रालय में सेटिंग और कलेक्टर फूफा का झांसा : मंडी इंस्पेक्टर बनाने के नाम पर B.Ed छात्रा से 7.40 लाख की ठगी, दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड..

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सारंगढ़ बिलाईगढ़// सरकारी नौकरी का सपना और दोस्त पर अंधा भरोसा। यही दो बातें एक होनहार छात्रा पर भारी पड़ गईं। मंडी इंस्पेक्टर बनाने का झांसा देकर ठगों ने उससे 7 लाख 40 हजार रुपये ऐंठ लिए। अब पीड़िता थाने के चक्कर काट रही है और पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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मामला ग्राम लालाधुर्वा की रहने वाली B.Ed छात्रा करुणा पटेल से जुड़ा है। आरोप है कि चंद्रपुर निवासी आनंद देवांगन ने उसे अपने परिचित विवेक कुमार शर्मा से मिलवाया। विवेक ने खुद को मंत्रालय में पदस्थ बताते हुए दावा किया कि उसके फूफा आशीष शर्मा एक जिले में कलेक्टर हैं और वह किसी भी विभाग में नौकरी लगवा सकता है। मंडी इंस्पेक्टर का पद दिलाने के नाम पर 7.40 लाख रुपये की मांग की गई।

दोस्ती की आड़ में भरोसे का सौदा

बताया गया कि रायपुर रोड स्थित एक कैफे में मुलाकात के दौरान विवेक ने चयन की गारंटी दी। जब छात्रा ने रकम पर आपत्ति जताई तो उसके दोस्त आनंद ने भरोसा दिलाया कि सब कुछ पक्का है। यहीं से ठगी का सिलसिला शुरू हुआ।

किश्तों में निकलते रहे रुपये

  • 18 मई 2021 को गहने गिरवी रखकर 1,15,000 रुपये ट्रांसफर
  • 5 जून 2021 को 2 लाख रुपये चेक के माध्यम से
  • 12 जुलाई 2021 को 25 हजार रुपये
  • 21 अक्टूबर 2021 को फोन-पे के जरिए 75 हजार रुपये

इसके बाद 14 जुलाई 2022 को विवेक अपने साथी कुंजबिहारी पटेल के साथ छात्रा के घर पहुंचा। परिवार को बताया गया कि सूची में नाम आ गया है और अंतिम प्रक्रिया के लिए 3 लाख रुपये और देने होंगे। परिवार ने गवाहों के सामने नकद राशि सौंप दी।

न नौकरी मिली, न पैसे लौटे

समय गुजरता गया, लेकिन न नियुक्ति पत्र आया और न ही कोई आधिकारिक सूचना। पैसे वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करते रहे। आखिरकार पीड़िता ने बैंक स्टेटमेंट, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या बोली पुलिस

एसडीओपी स्नेहिल साहू ने बताया कि शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साक्ष्यों की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर बताता है कि नौकरी के नाम पर सक्रिय गिरोह बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर पैसे न दें और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही लें।

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