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बरमकेला// सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम मारोदरहा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में मृत लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से राशन उठाने का खुलासा हुआ है। जांच में स्टॉक रजिस्टर से लेकर वास्तविक भंडारण तक कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
यह कार्रवाई कलेक्टर जनदर्शन और कलेक्टर कार्यालय में मिली शिकायतों के आधार पर की गई। सहायक खाद्य अधिकारी बरमकेला ने 13 और 14 दिसंबर 2025 को ग्राम करीगांठी और मारोदरहा में जांच की। जांच के दौरान सामने आया कि उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 412004020 का संचालन शारदा महिला स्व सहायता समूह मारोदरहा द्वारा किया जा रहा है, जिसमें विक्रेता दिनेश डनसेना की प्रमुख भूमिका है।
मृतकों के नाम पर चलता रहा राशन
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई मृत राशनकार्डधारियों के नाम पर लंबे समय से राशन का उठाव किया जा रहा था। इनमें लच्छीराम सिदार, रूपकुंवर डनसेना, राधेश्याम डनसेना, बिंदुमती पटेल और दहरमती सिदार के नाम शामिल हैं। इन कार्डों में विक्रेता के परिजन और दुकान से जुड़े लोगों के नाम जोड़कर नियमित रूप से राशन निकाला गया।
स्टॉक जांच में भारी कमी
भौतिक सत्यापन के दौरान चावल 24.31 क्विंटल और शक्कर 2.11 क्विंटल कम पाई गई, जबकि नमक निर्धारित मात्रा से अधिक मिला। इसके अलावा, शारदा महिला स्व सहायता समूह द्वारा संलग्न रूप से संचालित गोबरसिंघा उचित मूल्य दुकान में भी बड़ी मात्रा में अपयोजित खाद्यान्न पाया गया, जिससे गड़बड़ी और गहरी हो गई।
8.69 लाख रुपये की वसूली का प्रस्ताव
जांच में मृतकों के नाम पर फर्जी राशन उठाव से 1,02,288.80 रुपये की राशि सामने आई। वहीं स्टॉक में कमी और अन्य दुकानों से जुड़ी अनियमितताओं को जोड़कर कुल 8,69,699.88 रुपये की वसूली विक्रेता दिनेश डनसेना से प्रस्तावित की गई है।
कानूनी कार्रवाई की सिफारिश
जांच प्रतिवेदन में इसे छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का स्पष्ट उल्लंघन बताया गया है। रिपोर्ट में शारदा महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव और विक्रेता के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। यह प्रतिवेदन आगे की कार्रवाई के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगढ़ को सौंप दिया गया है। वहीं इस खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
marodarha

