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रायपुर// छत्तीसगढ़ में एक बुजुर्ग की कथित पिटाई से मौत के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया है। इससे पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसडीएम सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी और ग्रामीणों ने सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना कुसमी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हंसपुर गांव में हुई। बताया गया है कि एसडीएम करुण डहरिया किसी जांच कार्य के सिलसिले में गांव पहुंचे थे। इसी दौरान उनके साथ मौजूद लोगों और ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि रॉड और डंडों से मारपीट की गई।
इस मारपीट में 60 वर्षीय रामनरेश राम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, अजीत उरांव और आकाश अगरिया भी इस घटना में घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है। घटना की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम करुण डहरिया सहित चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया। प्रारंभिक जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीर माना गया और राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करुण डहरिया को निलंबित कर दिया।

घटना के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन गांव में अभी भी तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा।
यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही और आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक वरिष्ठ अधिकारी पर इस प्रकार के आरोप लगना शासन-प्रशासन की छवि पर भी प्रभाव डालता है। राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।




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