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रायगढ़// पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य भारत में सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक किराए के आलीशान विला में छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें हवाला लेनदेन, बेटिंग आईडी, ऑनलाइन जुए के ऐप और डिजिटल नेटवर्क से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में एक आईपीएल सीजन के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के संकेत मिले हैं।
पहले हुई थी तीन सटोरियों की गिरफ्तारी
दरअसल, कुछ समय पहले रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा मामले में पेशेवर सट्टा खाईवाल करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान पुलिस को एक बड़े हवाला नेटवर्क और खरसिया निवासी अमित मित्तल के गिरोह की जानकारी मिली थी।इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और नेटवर्क विश्लेषण शुरू किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह रायगढ़, रायपुर, सक्ती से लेकर गोवा तक सक्रिय था और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहा था।
गोवा के विला में पुलिस की दबिश
पुलिस की विशेष टीम ने गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक विला में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान वहां से अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल और सुलभ खंडेलवाल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी होटल और विला से ही हाईटेक तरीके से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे थे। कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी मोबाइल फोन, लैपटॉप और हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने मौके से डिजिटल साक्ष्य बरामद कर सभी को हिरासत में ले लिया।
तीन अलग-अलग तरीकों से चल रहा था सट्टा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बेहद संगठित तरीके से क्रिकेट सट्टा संचालित करते थे। आरोपियों ने सट्टा संचालन के लिए तीन अलग-अलग सिस्टम बना रखे थे।पहला तरीका “लाइन” सिस्टम था, जिसमें आरोपी रायपुर से मैच की “लाइन” लेकर APK आधारित ऐप के जरिए नीचे के खाईवालों तक रेट और भाव पहुंचाते थे। दूसरा तरीका “प्रगति टीवी” और “स्टार लाइव” जैसे ऐप का इस्तेमाल था। इन ऐप्स के जरिए आरोपी मैच का लाइव प्रसारण सामान्य टीवी प्रसारण से करीब 7 सेकंड पहले देख लेते थे। इसी तकनीकी बढ़त का फायदा उठाकर वे खिलाड़ियों और सटोरियों को तत्काल अपडेट देकर सट्टा खिलाते थे।तीसरे तरीके में आरोपी “ऑल पैनल एक्सचेंज”, “ताज 777” और “डायमंड एक्सचेंज” जैसी बेटिंग आईडी उपलब्ध कराते थे। इन आईडी के माध्यम से ऑनलाइन जुआ और क्रिकेट सट्टा बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा था।
मन्नू नथानी गैंग से जुड़े तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के तार मध्य भारत के चर्चित सट्टा नेटवर्क “मन्नू नथानी” गैंग से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बड़े नेटवर्क से बेटिंग आईडी लेकर अपने एजेंटों और प्लेयर्स तक पहुंचाते थे और हर लेनदेन पर कमीशन प्राप्त करते थे।पुलिस का कहना है कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। डिजिटल ट्रांजेक्शन और हवाला चैनल के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जा रहा था।
हवाला नेटवर्क से हो रहा था पैसों का खेल
जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डाटा से हवाला नेटवर्क के भी अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, सट्टे से कमाए गए पैसों को हवाला के जरिए अलग-अलग शहरों में ट्रांसफर किया जाता था, ताकि सीधे बैंकिंग रिकॉर्ड से बचा जा सके।प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिलने के बाद अब आर्थिक अपराध शाखा और अन्य एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कई शहरों में पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार, आरोपी अमित मित्तल के खिलाफ रायगढ़ जिले के अलग-अलग थानों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा से जुड़े मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं मोहित सोमानी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ रायपुर और दूसरे शहरों में भी जुआ एक्ट के तहत अपराध दर्ज बताए जा रहे हैं।


