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सारंगढ़ बिलाईगढ़// पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा के नेतृत्व में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत मंगलवार को थाना सरिया क्षेत्र में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी एनएल राठिया और PSI गजेंद्र चंद्राकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूलों, छात्रावासों और ग्रामीण क्षेत्रों में जन चौपाल लगाकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए।

अभियान के तहत थाना क्षेत्र के 20 अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के साथ गांवों के नागरिकों ने सहभागिता की। पुलिस ने डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और जागरूकता की जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की।

बुदबुदा में जन चौपाल लगाकर साइबर अपराधों पर हुई चर्चा
ग्राम बुदबुदा में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों को विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को फोन कर डराने, लालच देने या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे फोन आने पर घबराने के बजाय कॉल काटकर संबंधित जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
पुलिस ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, ATM/डेबिट कार्ड नंबर, PIN, CVV, UPI PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। नौकरी दिलाने, इनाम मिलने, पैसे डबल करने या किसी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वालों से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग पुलिस, CBI, कोर्ट या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल कर सकते हैं और किसी अपराध में फंसने का डर दिखाकर पैसे मांग सकते हैं। लोगों को स्पष्ट किया गया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ भारतीय कानून में गिरफ्तारी का कोई प्रावधान नहीं है। पुलिस ने कहा कि ऐसे किसी भी कॉल पर पैसे ट्रांसफर न करें और न ही अपने मोबाइल की स्क्रीन शेयर करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer या अन्य रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।
महिला संबंधी कानूनों की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं को महिला संबंधी कानूनों और साइबर अपराधों में उनकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत करते समय सावधानी बरतने, निजी फोटो-वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने तथा किसी तरह की धमकी या ब्लैकमेलिंग होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी।
इन जगहों पर पहुंची पुलिस टीम
थाना प्रभारी एनएल राठिया के नेतृत्व में स्वामी दयानंद विद्यापीठ बोंदा, बाबा रूपधर दास हायर सेकेंडरी स्कूल कटंगपाली, शिशु मंदिर साल्हेओना, बड़े मानिकपुर, बिलाईगढ़ अ, छूहीपाली, पंचधार, भीखमपुरा और बालक छात्रावास बोंदा में कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसका समापन बुदबुदा में जन चौपाल के माध्यम से किया गया।
वहीं PSI गजेंद्र कुमार के नेतृत्व में सुभाष चंद्र बोस पब्लिक स्कूल सरिया, शासकीय स्कूल कमरीद कर्राकोट, भारत माता पब्लिक स्कूल सरिया, शासकीय माध्यमिक शाला खैरगढ़ी, शासकीय माध्यमिक शाला रिसोरा, शासकीय स्कूल पिक्रीमाल, बालक छात्रावास केनाभांटा, बालक छात्रावास बड़े नावापारा, ग्राम जलगढ़ जन चौपाल और शासकीय माध्यमिक विद्यालय रिसोरा में साइबर जागृति कार्यक्रम हुआ।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने लोगों को बताया कि यदि साइबर ठगी हो जाती है तो चुप न रहें और न ही देर करें। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल कॉल करें तथा आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी थाने या साइबर सेल को भी घटना की जानकारी दें।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार सावधानी और जागरूकता है। कार्यक्रम में दी गई जानकारी को परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की गई। अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी राज्य सरकार द्वारा जारी संबंधित लिंक पर भी अपलोड की गई।
सारिया क्षेत्र में आयोजित इस व्यापक अभियान के जरिए पुलिस ने ग्रामीणों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को यह संदेश दिया कि साइबर ठग चाहे किसी भी तरीके से संपर्क करें, डरने या लालच में आने के बजाय सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस की मदद लें।



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