सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख की ठगी, एक साल से फरार आरोपी को सारंगढ़ पुलिस ने दबोचा..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सरकारी स्कूल में चपरासी (प्यून) की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को सारंगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब एक वर्ष से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से ठगी की रकम में से 35 हजार रुपये, एक मोबाइल फोन और बैंक पासबुक जब्त की गई है।

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सरकारी नौकरी का झांसा देकर की थी ठगी

पुलिस के अनुसार, कोरबा जिले के रजगामार निवासी महेश राम चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2019 में गौरीशंकर नारंग ने शासकीय स्कूल में प्यून की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर उससे 1 लाख रुपये ले लिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी न नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई। मामले की प्रारंभिक जांच रजगामार चौकी में की गई। इसके बाद जीरो एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को मूल घटनास्थल थाना सिटी कोतवाली सारंगढ़ भेजा गया। सारंगढ़ पुलिस ने 6 मई 2025 को आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एक साल से फरार था आरोपी

प्रकरण दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय तथा डीएसपी संतोषी ग्रेस के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश जारी रखी। आखिरकार उसे कोरबा से गिरफ्तार कर सारंगढ़ लाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी गौरीशंकर नारंग (44 वर्ष), निवासी रजगामार, थाना बालकोनगर, जिला कोरबा ने महेश चौहान से नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके कब्जे से 35 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और बैंक पासबुक जब्त कर लिया।

पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद यादव, सहायक उपनिरीक्षक अंजान सिंह, पीएसआई चंचल नेहा चंद्राकर, आरक्षक योगेश, प्रमोद पटेल, गौतम जांगड़े, अरविंद सिदार तथा थाना सिटी कोतवाली के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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