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सारंगढ़-बिलाईगढ़// अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने के उद्देश्य से सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा एक दिवसीय फिंगरप्रिंट एवं चांस प्रिंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों में पदस्थ विवेचकों, प्रशिक्षु उप निरीक्षकों सहित 50 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ डीएसपी द्वारा दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को घटनास्थल से फिंगरप्रिंट एवं चांस प्रिंट खोजने, उन्हें सुरक्षित रखने, विकसित करने तथा न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक विधियों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों को Identification of Prisoners/Criminal Procedure (Identification) Act, 2022 के तहत फिंगरप्रिंट और अन्य जैविक नमूने लेने से संबंधित कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) के उपयोग और डिजिटल माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की त्वरित पहचान की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण का उद्देश्य विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना, अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पहचान करना तथा न्यायालय में मजबूत और गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत करना है। प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे अपराधों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण में मदद मिलेगी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों को अपनाकर अपराध नियंत्रण और न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।


