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सारंगढ़ बिलाईगढ़// प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बना रहे हितग्राहियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब आवास निर्माण के लिए रेत लाने में उन्हें पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत हितग्राही ग्राम पंचायत से लिखित अनुमति लेकर रेत का परिवहन कर सकेंगे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब रॉयल्टी या पकड़े जाने के डर जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से अटके आवास निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।
रेत घाट की कमी से प्रभावित हो रहा था निर्माण कार्य
पिछले कुछ समय से क्षेत्र में रेत की उपलब्धता नहीं होने के कारण कई आवास हितग्राहियों का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। कई परिवारों को योजना की किस्त मिलने के बाद भी मकान निर्माण शुरू करने में दिक्कतें आ रही थीं। कई जगहों पर हितग्राही रेत की व्यवस्था नहीं कर पाने के कारण आधे-अधूरे निर्माण के साथ इंतजार कर रहे थे। इस समस्या को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा हो रही थी और ग्रामीणों की ओर से समाधान की मांग भी उठ रही थी।
ग्राम पंचायत से लेना होगा लिखित अनुमति
अब नई व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही अपने घर के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत के सचिव से लिखित अनुमति लेकर रेत ला सकेंगे। पंचायत स्तर पर जानकारी दर्ज होने के बाद हितग्राही अपने निर्माण कार्य के लिए रेत का परिवहन कर पाएंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवास योजना के तहत बनने वाले घरों का काम बिना रुकावट पूरा हो सके और गरीब परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने में परेशानी न हो।
प्रशासन की पहल से निकला समाधान
इस विषय को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार चर्चा और खबरें सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर संजय कन्नौजे, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन और जनपद पंचायत बरमकेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय पटेल के मार्गदर्शन में आवास हितग्राहियों को राहत देने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और समय पर मकान तैयार हो सकेंगे।
गरीब परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब हितग्राही बिना किसी डर या परेशानी के रेत की व्यवस्था कर पाएंगे। इससे उन परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो लंबे समय से अपने पक्के घर के निर्माण का इंतजार कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है तो क्षेत्र में अधूरे पड़े कई आवास जल्द ही पूरे हो सकेंगे और जरूरतमंद परिवारों को समय पर उनका घर मिल पाएगा।




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