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रायगढ़// रायगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ट्रेडिंग फ्रॉड गैंग का खुलासा किया है। पुलिस टीम ने श्रीनगर में दबिश देकर 1.08 करोड़ की ठगी के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को पकड़ा है। गैंग देशभर में फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये बटोर रहा था।
मामला कैसे शुरू हुआ
ढिमरापुर निवासी एक उद्योगकर्मी दंपत्ति ने यूट्यूब पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़े विज्ञापन को देखकर एक लिंक पर संपर्क किया। खुद को “यूके इंडिया चैनल” से जुड़ा बताने वाले ठग ने उन्हें एक ऐप डाउनलोड कराया। इसी ऐप में मुनाफे का लालच दिखाकर मई से अगस्त 2025 के बीच उनसे 1,08,44,025 रुपये अलग-अलग खातों में जमा कराए गए।
जुलाई में जब दंपत्ति ने 32 लाख रुपये डाले तो ऐप में उनकी राशि को 42 करोड़ रुपये दिखाने लगा। रकम निकालने कहा गया तो 5 लाख रुपये ब्रोकरेज शुल्क मांगा गया। पैसा जमा करने के बाद कॉलर गायब हो गया। शिकायत पर कोतवाली रायगढ़ में अपराध दर्ज हुआ।
देशभर में 200 से ज्यादा लोग बने शिकार
बैंक खातों की जांच में सामने आया कि इस गैंग पर देश के कई राज्यों में 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। ठगी के लेनदेन में 10 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध ट्रांजैक्शन मिला है।
श्रीनगर में दबिश, चार आरोपी गिरफ्तार
साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि पीड़ित के 32.50 लाख रुपये श्रीनगर निवासी यासीर शॉफी चारलू के खाते में गए थे।
टीम ने श्रीनगर में छापेमारी कर यासीर को पकड़ा। पूछताछ में उसने रकम मेहराज असाई को भेजने की बात कबूल की। फिर मेहराज, उसका बेटा अर्शलान और साकीब फारूखदार को भी गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों पर कड़ी धाराएं
गैंग के संगठित तरीके से साइबर फ्रॉड करने की पुष्टि पर प्रकरण में धारा 111, 3(5) बीएनएस और 66(D) आईटी एक्ट जोड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पीड़ित की पूरी रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर होने की पुष्टि हो चुकी है। रकम रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- यासीर शॉफी चारलू, 23 वर्ष, नाईच कदल रंजर मस्जिद, श्रीनगर
- साकीब फारूखदार, 24 वर्ष, बटमालू फिरोदासबाद, श्रीनगर
- मेहराजउद्दीन असाई, 57 वर्ष, सुतरासाई करमनगर, श्रीनगर
- अर्शलन अफॉक, 21 वर्ष, सुतरासाई करमनगर, श्रीनगर
कार्रवाई में जुटी रही विशेष टीम
इस जटिल केस में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम लगातार दिन-रात काम करती रही। जांच में तकनीकी मदद, खातों की ट्रैकिंग, मोबाइल नंबरों का डाटा एनालिसिस और श्रीनगर में दबिश जैसी चुनौतियों के बीच टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। कार्रवाई में कई अधिकारियों, जवानों और श्रीनगर साइबर थाना की अहम भूमिका रही।
सावधान रहें
ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले लुभावने ऑफर अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं। किसी भी निवेश से पहले कंपनी, ऐप और लिंक की जांच जरूर करें।
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