साइबर जागृति अभियान में 84 जगह पहुंची पुलिस और 5931 लोगों को किया जागरूक, फर्जी सोशल मीडिया आईडी और सरकारी अफसर बनकर ठगी से बचने के बताए तरीके..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले में साइबर ठगी के खिलाफ चल रहे साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस ने शुक्रवार को जिले के 84 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान 5931 से ज्यादा नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई।

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छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देश पर जिले में यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान के छठे सप्ताह यानी 20 से 26 सितंबर के दौरान पुलिस लोगों को खास तौर पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, सरकारी अधिकारी बनकर ठगी और निजी जानकारी ऑनलाइन साझा करने के खतरों के बारे में जागरूक कर रही है।

फर्जी सोशल मीडिया आईडी से ठगी का तरीका समझाया

पुलिस ने बताया कि साइबर ठग कई बार किसी परिचित की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बना लेते हैं। इसके बाद परिचित बनकर दोस्तों और रिश्तेदारों से इमरजेंसी बताकर पैसे मांगते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को उसके असली मोबाइल नंबर पर फोन कर जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

सरकारी अफसर बनकर भी कर रहे ठगी

जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को बताया गया कि साइबर ठग सरकारी अधिकारी या किसी विभाग के नाम से फर्जी आईडी बनाकर जुर्माने और कार्रवाई का डर दिखा सकते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित विभाग या अधिकारी से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर नहीं करना चाहिए।

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें

पुलिस ने नागरिकों को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी। घर का पता, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी और पहचान से जुड़े दस्तावेज जैसी जानकारी सार्वजनिक करने से साइबर ठगों को इसका गलत इस्तेमाल करने का मौका मिल सकता है।

ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें कॉल

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने की स्थिति में समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस के मुताबिक ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, रकम को रोकने या वापस कराने की कार्रवाई की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।

84 स्थानों पर चला जागरूकता अभियान

अभियान के तहत जिले के थानों, पुलिस चौकियों, स्कूल-कॉलेजों और हाट-बाजारों में कुल 84 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में पुलिस ने लोगों को बदलते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में जानकारी दी और डिजिटल दुनिया में सावधानी बरतने की अपील की।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, किसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल नजदीकी थाने या साइबर हेल्प डेस्क को सूचना दें।

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