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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने युवाओं और श्रमिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पांचवें सप्ताह की शुरुआत पर रविवार को जिले के करीब 66 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 5,205 लोगों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और श्रमिकों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के प्रति सतर्क करना रहा। जिले के विभिन्न थानों, चौकियों, गांवों, स्कूलों और कॉलेजों में पुलिस टीमों ने लोगों को फर्जी नौकरी के विज्ञापन, ऑनलाइन जॉब ऑफर, नकली भर्ती एजेंसियों और नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन या वेरिफिकेशन के लिए पैसे मांगने वाले ठगों से सावधान रहने की जानकारी दी।
नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से रहें सावधान
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी युवाओं को आकर्षक वेतन और अच्छी नौकरी का झांसा देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज सत्यापन, सिक्योरिटी फीस या अन्य बहानों से पैसों की मांग की जाती है। ऐसे किसी भी ऑफर पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा नहीं करने की अपील की गई। पुलिस ने युवाओं और श्रमिकों को रोजगार कार्यालय, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र, श्रमिक सहायता केंद्र और अन्य रोजगार से जुड़े संस्थानों के माध्यम से सुरक्षित तरीके से रोजगार की जानकारी लेने की सलाह दी।
एक गलत क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता
जागरूकता कार्यक्रमों में फिशिंग लिंक को लेकर भी विशेष रूप से लोगों को सावधान किया गया। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग मोबाइल पर नौकरी, इनाम या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम से फर्जी मैसेज भेजते हैं। इन संदेशों में दिए गए लिंक अक्सर असली वेबसाइट जैसे दिखाई देते हैं। लिंक खोलने के बाद यदि कोई व्यक्ति अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल, ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज कर देता है तो ठग उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए पुलिस ने किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और बिना पुष्टि के किसी वेबसाइट पर अपनी जानकारी दर्ज नहीं करने की अपील की।
OTP, UPI PIN और ATM PIN किसी से साझा न करें
पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि नौकरी या किसी अन्य बहाने से पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहें। अपनी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें और ATM PIN, OTP तथा UPI PIN किसी के साथ साझा न करें। किसी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करें।
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही नजदीकी थाना या साइबर हेल्प डेस्क को भी घटना की जानकारी दें, ताकि ठगी की रकम को रोकने और आगे की कार्रवाई के लिए समय पर कदम उठाया जा सके।


