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रायपुर// छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों में पटवारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पटवारी 13 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। आंदोलन के कारण राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने लगा है, वहीं जरूरी कार्यों के लिए सरकारी कार्यालय पहुंच रहे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का आंदोलन
राजस्व पटवारी संघ के नेतृत्व में पटवारी अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, पदोन्नति का लाभ देना, PV ऐप से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना और निलंबन व तबादले की कार्रवाई वापस लेना शामिल है। पटवारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। मांगें पूरी नहीं होने के कारण प्रदेशभर में आंदोलन जारी है।
वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति का लाभ देने की मांग
पटवारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना और पदोन्नति का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा, PV ऐप के संचालन में आ रही समस्याओं का समाधान करने की मांग भी उठाई जा रही है। पटवारियों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं के निराकरण के साथ सेवा संबंधी मुद्दों पर भी सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए।योजनाएं खोजें
निलंबन और तबादलों की कार्रवाई वापस लेने की मांग
आंदोलन कर रहे पटवारी निलंबन और तबादलों से जुड़ी कार्रवाई वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं। संघ के बैनर तले विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर इन मुद्दों पर शासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।
राजस्व कार्य प्रभावित, आम लोगों की बढ़ी परेशानी
पटवारियों की हड़ताल का असर राजस्व संबंधी कामकाज पर पड़ रहा है। जमीन से जुड़े जरूरी कार्यों के लिए पटवारी कार्यालयों पर निर्भर लोगों को परेशानी हो रही है। राजस्व अभिलेखों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहने से राजस्व विभाग के कामकाज को लेकर चिंता बढ़ रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और राजस्व पटवारी संघ के बीच मांगों को लेकर कब तक सहमति बनती है और आंदोलन समाप्त करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं


