पंचायत सचिव दौलतराम जायसवाल पर मनमानी और दुर्व्यवहार का आरोप, कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत देकर हटाने की मांग, पूर्व में भी पंचायतों से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है नाम..

शेयर करें...

सारंगढ़-बिलाईगढ़// जनपद पंचायत बरमकेला अंतर्गत ग्राम पंचायत बार में पंचायत सचिव दौलतराम जायसवाल की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में आक्रोश सामने आई है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन सौंपकर सचिव को ग्राम पंचायत बार से तत्काल हटाने और उनके स्थान पर किसी अन्य योग्य सचिव की पदस्थापना करने की मांग की है।

Join WhatsApp Group Click Here

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव अपने मनमाने तरीके से काम करता है और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनता। आवेदन में ग्रामीणों से दुर्व्यवहार करने, पंचायत के विकास कार्यों में बाधा डालने और पंचायत के कामकाज में अनियमितता बरतने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

प्रमाण पत्र और पेंशन के लिए ग्रामीणों को चक्कर लगाने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्यों के लिए ग्रामीणों को बार-बार पंचायत कार्यालय बुलाया जाता है। आरोप है कि सचिव द्वारा ग्रामीणों को आज आना कल कहकर टालमटोल किया जाता है, जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंचाई जा रही है। उनका कहना है कि पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली के कारण ग्रामीणों को जरूरी शासकीय सुविधाओं और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से की तत्काल कार्रवाई की मांग

बार पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव दौलतराम जायसवाल का स्थानांतरण करने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत में ऐसा सचिव होना चाहिए जो ग्रामीणों की समस्याएं सुने और शासकीय योजनाओं एवं पंचायत के विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाए।

पहले भी अलग-अलग पंचायतों से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है नाम

बता दें कि बार पंचायत के ग्रामीणों द्वारा की गई वर्तमान शिकायत के अलावा, पंचायत सचिव दौलतराम जायसवाल का नाम पूर्व में भी कई पंचायतों से जुड़े वित्तीय अनियमितता और कार्रवाई के मामलों में आ चुका है। बरमकेला जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बुदबुदा में तत्कालीन सरपंच शिवानी सिदार और सचिव दौलतराम जायसवाल के कार्यकाल के दौरान 15वें वित्त आयोग की राशि में वित्तीय अनियमितता पर शिकायत और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी।

वहीं, जनपद पंचायत सारंगढ़ के ग्राम पंचायत गोडीहारी से जुड़े एक पुराने मामले में 15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित राशि के दुरुपयोग की शिकायत पर तत्कालीन प्रशासन के निर्देश पर जांच कराई गई थी। जांच के दौरान दौलतराम जायसवाल के खिलाफ आर्थिक अनियमितता की पुष्टि होने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और पदीय दायित्वों में लापरवाही पाए जाने का उल्लेख करते हुए तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ अबिनाश मिश्रा ने निलंबित किया था। इसके अलावा गंजाईभौना पंचायत से जुड़े पुराने मामले में भी लाखों रुपये की वसूली कार्रवाई और राशि जमा नहीं किए जाने पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी भी स्थानीय स्तर पर सामने आती रही है।

अब ग्राम पंचायत बार से आई नई शिकायत ने एक बार फिर पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस शिकायत पर प्रशासन की ओर से क्या जांच या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल ग्रामीणों की नजर अब जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Scroll to Top