शेयर करें...
रायगढ़// एनटीपीसी लारा के तीसरे चरण की जनसुनवाई एक बार फिर स्थगित हो गई है। इस पहले दोनों चरणों के लिए 9 गांवों की जमीन ली गई थी। जबकि तीसरे चरण में चार गांवों की करीब 200 हे. जमीन का अधिग्रहण होना है। इसके लिए उद्योग विभाग से प्रक्रिया कराई जाएगी। एनटीपीसी लारा के तीसरे चरण के दो यूनिट की स्थापना के लिए जनसुनवाई आगामी दो जून को महलोई में होनी थी, जिसे स्थगित कर दिया गया है। पेलमा माइंस की जनसुनवाई के बाद एनटीपीसी लारा की तारीख आएगी। पहले चरण में निर्मित दो यूनिटों से 1600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
दूसरे चरण में 800-800 मेगावाट की दो यूनिटों का निर्माण चल रहा है, जिसके बाद क्षमता 3200 मेगावाट हो जाएगी। दूसरे चरण का काम 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। तीसरे चरण में भी इतनी ही क्षमता के दो यूनिट लगाने के लिए जनसुनवाई कराई जा रही थी। तीसरे चरण में करीब 227 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है, जिसमें 212 हे. निजी, दो हे. सरकारी और 12 हे. वन भूमि है। इसके लिए चार गांवों की जमीन चुनी गई है। कांदागढ़ की 57.908 हे., बोड़ाझरिया की 39.120 हे., महलोई की 4.106 हे. और लोहाखान की 99.584 हे. भूमि के अधिग्रहण की कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। लोहाखान में पहली बार जमीन अधिग्रहित की जा रही है।
एश डाइक का होगा निर्माण
एनटीपीसी लारा की पुरानी एश डाइक की क्षमता कम है। छह यूनिट एक साथ चलने पर एश एक करोड़ टन प्रतिवर्ष तक उत्सर्जित होगा। इसके लिए एक और एश डाइक की जरूरत पड़ेगी। नए गाइडलाइन दर से मुआवजा आकलन होगा। उद्योग विभाग को प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है।



