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बिलासपुर// बिलासपुर में नवीन महादेवा हत्याकांड के मामले में आखिरकार NSUI के प्रदेश सचिव वसीम खान का नाम आ ही गया। पुलिस की जांच और पकड़े गए युवक के मोबाइल से उसके बातचीत के सबूत मिलने पर उसे गैंगवार और हत्या का आरोपी बनाया गया है। इस हत्याकांड में NSUI नेता को बचाने पुलिस पर गंभीर आरोप लग रहे थे और यह घटना राजनीतिक रूप ले रही थी।
बता दें कि बीते 25 फरवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब शहर प्रवास पर थे। तभी दोपहर तीन बजे सिविल लाइन क्षेत्र के तालापारा के समता कॉलोनी गार्डन के पास 25-30 लड़कों ने मिलकर नाबालिग नवीन महादेवा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। दोस्त पर हमला होते देख उदय चक्रवर्ती बीच-बचाव करने पहुंचा, तब उस पर भी गंभीर चाकू से हमला कर दिया गया। इस गैंगवार में नवीन की हत्या हो गई और उदय को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उदय का मजिस्ट्रियल बयान दर्ज कराया, जिसमें उसने NSUI नेता वसीम खान पर हत्या कराने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उदय का वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद भी गैंगवार और हत्या के इस मामले में पुलिस ने उसे आरोपी नहीं बनाया।
गिरफ्तार युवक के मोबाइल और बयान से खुला षडयंत्र का राज
पुलिस अफसरों ने बताया कि शुरुआती जांच में जिन आरोपियों के नाम आए थे, उन सभी नाबालिगों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या के इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सज्जाद अली (23 साल) के मोबाइल की कॉल डिटेल्स ली गई और उसका बयान दर्ज किया गया, तब पता चला है कि वसीम खान घटना के समय आसपास ही था। इसके साथ ही सज्जाद अली से वह लगातार संपर्क में भी था। सज्जाद ने पुलिस को क्या बयान दिया है। इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस ने अब वसीम को हत्या के इस मामले में आरोपी बना लिया है।
वसीम ने पुलिस को दिया था CCTV फुटेज और वीडियो
हत्या के इस मामले में अपना नाम सामने आने के बाद वसीम ने अपने आप को निर्दोष बताया था। उसने पुलिस को अपने रैली में शामिल होने का वीडियो दिया था। इसके साथ ही अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज भी दिया था, जैसे ही उसे पता चला कि सज्जाद के मोबाइल से बातचीत के सबूत मिले है। इसके बाद वसीम फरार हो गया है। इधर, पुलिस उसकी तलाश भी कर रही है।
परिजन ने लगाए थे आरोप, हिंदू संगठनों ने थाने का किया था घेराव
नवीन महादेवा के पिता संतोषकुमार महादेवा ने पुलिस अफसरों पर वसीम खान को बचाने के आरोप लगाए थे। उन्होंने शहर विधायक शैलेष पांडेय से न्याय की गुहार लगाई थी। जिस पर विधायक पांडेय ने आईजी रतनलाल डांगी और गृहमंत्री से चर्चा की थी। वहीं, इस घटना को राजनीतिक व धर्म से जोड़कर भी सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश शुरू हो गई थी। हिंदू संगठनों ने बीते दिनों सिविल लाइन थाने का घेराव कर दिया था और हत्या के इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी।

