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रायगढ़// धान उठाव के अंतिम दौर में एक बार फिर गड़बड़ियों की आशंका तेज हो गई है। जिन केंद्रों में बोगस खरीदी हुई थी, वहीं अब तक उठाव लंबित है और इसे एडजस्ट करने के लिए पैसों का खेल शुरू होने की चर्चा है। इसी बीच समितियों के बैंक खातों में संदेहास्पद ट्रांजेक्शन सामने आने से मुख्यालय स्तर पर हलचल मच गई है।
अपेक्स बैंक की सख्ती, खातों पर कड़ी नजर
सूत्रों के अनुसार सहकारी समितियों के खातों से हो रहे असामान्य आहरण को लेकर अपेक्स बैंक मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। नकद निकासी की सीमा से अधिक राशि निकलने पर इसकी रिपोर्ट आरबीआई को भेजी जाएगी और उपयोगिता की जांच भी होगी। प्रशासन की कोशिश है कि बरमकेला जैसे घोटाले की पुनरावृत्ति न हो।
21 समितियों में अब भी उठाव बाकी, बढ़ी चिंता
जिले की 21 समितियों में करीब 9978 क्विंटल धान का उठाव अब भी बाकी है। बताया जा रहा है कि इनमें से करीब 10 समितियों में बोगस खरीदी की आशंका है, जिसे छिपाने की कोशिश हो रही है। इस स्थिति से सहकारी समितियों की आर्थिक हालत लगातार कमजोर होती जा रही है।
‘एक रुपया प्रति क्विंटल’ वसूली की चर्चा तेज
इन सबके बीच एक नया मामला सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों द्वारा प्रत्येक क्विंटल धान पर एक रुपए की वसूली किए जाने की चर्चा है। सूत्र बताते हैं कि यह रकम नकद में मांगी जा रही है और कुछ प्रबंधकों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। हालांकि इसके पीछे कौन है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
क्या है बोगस खरीदी का खेल?
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी केंद्रों पर बोगस खरीदी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इसमें वास्तविक उत्पादन से अधिक या बिना धान के ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदी दर्शाई जाती है। इस पूरे खेल में मिलर्स, केंद्र प्रबंधक और ऑपरेटरों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर गड़बड़ी होती है और नुकसान की भरपाई कमीशन राशि से की जाती है।


