शेयर करें...
जांजगीर-चांपा// पंचायत सचिव इलाही मोहम्मद कुरैशी पर घोटालों की फेहरिस्त और लंबी हो गई है। पहले से ही 25 लाख के गबन और धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में जेल में बंद कुरैशी अब ग्राम पंचायत रसेड़ा में 3.73 लाख रुपये की वित्तीय हेराफेरी के आरोपों में घिर गया है। जांच रिपोर्ट में इस गड़बड़ी की पुष्टि होते ही ग्रामीणों में आक्रोश भड़क उठा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक इस तरह के भ्रष्ट अधिकारियों को बचाया जाएगा?
तीसरी बार खुला पोल
जनपद पंचायत अकलतरा की जांच समिति ने रसेड़ा पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि की पड़ताल की। रिपोर्ट में सामने आया कि 3.73 लाख रुपये के खर्च का कोई वैध दस्तावेज या सबूत नहीं है। मतलब साफ है कि शासकीय निधि का दुरुपयोग हुआ है।
गांव के सरपंच और उपसरपंच ने अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की है। शिकायत की कॉपी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों को भेजी गई है।
पहले से जेल में है आरोपी सचिव
इलाही कुरैशी पहले ही कोटमीसोनार पंचायत में 25 लाख रुपये से ज्यादा के गबन और वाट्सएप ग्रुप में धार्मिक भावना भड़काने वाले पोस्ट डालने के आरोप में 10 जून 2025 को गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस ने IPC की धारा 420, 409, 34 और BNS की धारा 299 के तहत कार्रवाई की थी। पूछताछ में उसने दोनों मामलों में अपराध कबूल भी कर लिया था।
बर्खास्तगी क्यों नहीं?
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का सवाल है कि तीन-तीन मामलों में फंसे इस सचिव के खिलाफ अब तक केवल निलंबन की कार्रवाई ही क्यों हुई? क्या प्रशासन किसी बड़े खुलासे के डर से बचना चाहता है?
पंचायत के ग्रामीण ने कहा – “ये तो सिर्फ दो पंचायतों की जांच का नतीजा है। जहां-जहां इलाही कुरैशी ने काम किया है, वहां अगर सही से जांच हो जाए तो करोड़ों का घोटाला सामने आ सकता है।”
प्रशासन की चुप्पी, जनता नाराज
जब इस मामले में जिला प्रशासन से प्रतिक्रिया ली गई तो जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने कहा,
“मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत या तथ्य सामने आता है तो जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।”
लेकिन ग्रामीण इस बयान से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सिर्फ बयानबाजी नहीं, अब सख्त कार्रवाई का वक्त है।


