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रायपुर// छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा कर्मचारियों के अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर शुरू किया गया प्रदेशव्यापी आंदोलन सोमवार को अपने चरम पर नजर आया। फेडरेशन के आह्वान पर 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चल रहे कलम बंद–काम बंद आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक समर्थन मिला। इसका असर यह रहा कि इंद्रावती भवन से लेकर नवा रायपुर और सभी जिलों के शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं अधिकांश शासकीय स्कूलों में ताले लटके दिखाई दिए।
फेडरेशन ने प्रदेश सरकार की “मोदी की गारंटी” योजना को लेकर गहरा असंतोष जताया। कर्मचारियों का कहना है कि चुनावी वादों के बावजूद उनकी मूलभूत मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
नवा रायपुर से जिलों तक ठप रहा कामकाज
नवा रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों, निगमों, बोर्डों और शासकीय संस्थानों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूर्ण समर्थन देते हुए कलम बंद रखा। आंदोलन के कारण वरिष्ठ अधिकारियों को भी शासकीय कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नगरीय निकायों के कर्मचारियों ने अवकाश लेकर प्रदर्शन किया, वहीं प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी अवकाश लेकर फेडरेशन के आंदोलन का समर्थन किया।
रायपुर में जोरदार प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं संभाग प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी के मार्गदर्शन में रायपुर में आंदोलन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। जिला संयोजक पीतांबर पटेल, नवा रायपुर विभागाध्यक्ष कार्यालय के अध्यक्ष जय कुमार साहू और नवा रायपुर संयोजक संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। “अब नई साहिबों, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो” जैसे नारों के साथ सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया।
सभी संभागों में दिखी एकजुटता
दुर्ग संभाग में राजेश चटर्जी के मार्गदर्शन और जिला संयोजक विजय लहरे के नेतृत्व में आंदोलन हुआ। राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम और मोहला-मानपुर जिलों में भी कर्मचारियों ने उग्र प्रदर्शन किया।बिलासपुर संभाग में जी.आर. चंद्रा और रोहित तिवारी के मार्गदर्शन में जिला संयोजक डॉ. बी.पी. सोनी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। बस्तर संभाग में कैलाश चौहान और टार्जन गुप्ता के मार्गदर्शन में जगदलपुर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में व्यापक प्रदर्शन हुए।सरगुजा संभाग में ओंकार सिंह और नृपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में अंबिकापुर सहित सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की जमीन पूरी तरह तैयार हो चुकी है। सभी जिलों के संयोजकों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने संवाद की पहल नहीं की, तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान करेगा।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें
फेडरेशन की मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता लागू करना, DA एरियर्स का GPF में समायोजन, चार स्तरीय समयमान वेतनमान, वेतन विसंगतियां दूर करना, शिक्षकों को संपूर्ण सेवा लाभ, नियमितीकरण की ठोस नीति, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करना शामिल है।
फेडरेशन का कहना है कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।



