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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने वर्षों से लंबित वेतन विसंगति का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा भवन में प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित किया। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष संकीर्तन नंद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की तथा मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
वन टाइम रिलैक्सेशन की प्रमुख मांग
जिलाध्यक्ष संकीर्तन नंद ने बताया कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति लंबे समय से लंबित है। इसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षक आर्थिक असमानता का सामना कर रहे हैं। फेडरेशन ने मांग रखी कि जिन सहायक शिक्षकों को अब तक क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं मिला है, उन्हें “वन टाइम रिलैक्सेशन” प्रदान कर क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही असमानता समाप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत सरकार ने कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में सकारात्मक निर्णय लेने का वादा किया है। ऐसे में सहायक शिक्षकों को न्याय मिलना आवश्यक है।
आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा असर
फेडरेशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वेतन विसंगति के कारण कई शिक्षक अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई झेल रहे हैं। समान कार्य के बावजूद वेतन में अंतर होने से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होता है। यदि समय रहते निर्णय लिया जाता है, तो न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
सरकार ने दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने फेडरेशन की बातों को गंभीरता से सुना और विषय पर सकारात्मक परीक्षण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा।
फैसले की उम्मीद
मुलाकात के बाद फेडरेशन पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि सरकार जल्द ही वेतन विसंगति दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। जिलाध्यक्ष संकीर्तन नंद ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखा जाएगा।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित पूरे प्रदेश के सहायक शिक्षक अब सरकार के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि उन्हें न्यायसंगत वेतनमान का लाभ मिल सके और वे पूर्ण मनोयोग से शिक्षा कार्य में जुट सकें। शिक्षकों को उम्मीद है कि मोदी की गारंटी के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षा जगत में नई ऊर्जा का संचार किया जाएगा।



