एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, लंबित बिल भुगतान के एवज में मांगी रिश्वत, 22 हजार लेते नागरिक आपूर्ति अधिकारी गिरफ्तार..

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रायपुर// बलरामपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB की टीम ने नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त कार्यालय में दबिश देकर नागरिक आपूर्ति अधिकारी विद्यासागर गोपाल को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से विभागीय कार्यालय में हड़कंप मच गया।

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लंबित बिल भुगतान के एवज में मांगी रिश्वत

मिली जानकारी के अनुसार अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी शिवराज सिंह नागरिक आपूर्ति निगम में खाद्यान्न परिवहन का कार्य करते हैं। उनकी फर्म नागरिक आपूर्ति निगम में पंजीकृत है। उन्होंने वाड्रफनगर क्षेत्र में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिए द्वार प्रदाय परिवहन (डीपीटी) कार्य किया था, जिसका लगभग 11.39 लाख रुपये का भुगतान लंबित था।

आरोप है कि भुगतान जारी करने के एवज में प्रभारी जिला प्रबंधक विद्यासागर गोपाल द्वारा हर बिल पर दो प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। इसी के तहत 11.39 लाख के भुगतान के लिए 22 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत से तंग आकर शिवराज सिंह ने एसीबी अंबिकापुर में शिकायत की।

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 29 सितंबर 2026 को ट्रैप आयोजित किया गया। योजना के तहत आवेदक को 22 हजार रुपये लेकर बलरामपुर स्थित जिला कार्यालय भेजा गया। जैसे ही प्रभारी प्रबंधक ने रकम ली, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने कार्यालय कक्ष में ही उसे रंगे हाथ धर दबोचा।

बंद कमरे में अधिकारी से पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम नागरिक आपूर्ति अधिकारी विद्यासागर गोपाल से बंद कमरे में पूछताछ कि। टीम रिश्वत से जुड़े पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारी के अलावा इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। ACB की कार्रवाई पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है।

कार्रवाई से विभाग में मचा हड़कंप

ACB की दबिश की खबर जैसे ही कार्यालय में फैली, वहां मौजूद कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। अचानक हुई कार्रवाई को लेकर कार्यालय परिसर में काफी देर तक चर्चा होती रही। फिलहाल ACB की जांच जारी है। कार्रवाई से जुड़े विस्तृत तथ्य और अधिकारी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

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