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सारंगढ़ बिलाईगढ़// स्वतंत्रता दिवस पर जिले के सभी विद्यालय परिसर में देशभक्ति के साथ साथ साक्षरता जनजागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना रहा। आयोजन में शाला परिवार के साथ ग्रामीणों और स्वसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तिरंगा रैली और उल्लास महाचौपाल जनजागरूकता रैली से हुई। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चे और सहभागियों ने पूरे क्षेत्र में भ्रमण किया और लोगों को देशभक्ति, शिक्षा एवं साक्षरता का संदेश दिया। रैली के दौरान ग्रामवासियों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। जन-जन तक शिक्षा का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से आकर्षक दीवार लेखन भी किया गया।
वहीं हल्दी-चावल का पारंपरिक न्योता देकर ग्रामीणों और माताओं को साक्षरता अभियान में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया। इस पहल के माध्यम से अभियान को घर-घर तक पहुंचाने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया।
शिक्षकों और ग्रामवासियों ने निरक्षर लोगों का बढ़ाया उत्साह
अभियान की खास बात व्यापक जनभागीदारी रही। इसमें विद्यालय के शिक्षक, संकुल समन्वक, संकुल प्राचार्य एवं कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, क्षेत्र की माताएं, स्वयंसेवी कार्यकर्ता तथा हाल ही में नवसाक्षर हुए लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर शिक्षा और जागरूकता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है।
शाम के समय विशेष टॉर्च रैली यानी मशाल रैली निकाली गई। अंधेरे को चीरती टॉर्च की रोशनी के माध्यम से शिक्षा को अज्ञानता के अंधकार को दूर करने का प्रभावी माध्यम बताया गया। रैली में शामिल लोगों ने साक्षरता और जागरूकता के प्रति समाज को प्रेरित किया।


