रबी एवं खरीफ फसलों की खरीदी हेतु पंजीयन की अंतिम तिथि 28 फरवरी..

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सारंगढ़ बिलाईगढ़// जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम आशा) योजना अंतर्गत प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत किसानों का पंजीयन समितियों के माध्यम से ई समयुक्ति पोर्टल में किया जा रहा है। योजनान्तर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में क्रमशः अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में क्रमशः चना, मसूर एवं सरसों फसलों की बुआई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर साथ लेकर अपना पंजीयन कराएं।

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इस योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें खरीफ फसल अरहर 8000 रूपए, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए. मूंगफली 7263 रूपए. सोयाबीन 5328 रूपए एवं रबी फसल चना 5875 रूपए, मसूर 7000 रूपए, एवं सरसों 6500 रूपए, न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल तय किया गया है। योजनान्तर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले के लिए चिन्हांकित एजेंसी द्वारा पंजीकृत कृषकों की फसलों का खरीदी किया जाएगा।

कृषकों से फसल उपार्जन का कार्य सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) तक किया जाएगा। योजनान्तर्गत शासन द्वारा पंजीकृत कृषकों से खरीफ फसल अरहर 3 क्विंटल, मूंग 3 क्विंटल, उड़द 3 क्विंटल, मूंगफली 7 क्विंटल, सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़, एवं रबी फसल चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल, सरसों 5 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी।

कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से संबंधित सेवा सहकारी समिति में आवेदन पत्र के साथ ऋण पुस्तिका, बी-1, पी-2, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। योजना अंतर्गत शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले के लिए चिन्हांकित केंद्रीय एजेंसी द्वारा पंजीकृत कृषकों की फसलों का उपार्जन किया जाएगा।

उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) में किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड द्वारा संचालित ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की ऑनलाईन पंजीयन कर खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी। यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) भारत सरकार की एक व्यापक योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। 2018 में शुरू की गई इस योजना में दालों, तिलहनों की खरीद शामिल है। इसमें तीन मुख्य घटक, मूल्य समर्थन योजना, मूल्य अंतर भुगतान योजना और निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना है । पीएम-आशा योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और आय में वृद्धि करना है। इसे वर्ष 2025-26 तक के लिए विस्तारित और मजबूत किया गया है।

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