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रायगढ़// रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता के अपहरण और लूट के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रोफेसर को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर उनके मोबाइल का पासवर्ड और UPI की जानकारी हासिल की, फिर QR कोड के जरिए अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर रकम ट्रांसफर कराई।
मामले में पुलिस ने ₹99,100 नकद के साथ वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और एएसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुसौर पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किया।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 5 अक्टूबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता ग्राम जकेला में डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान होने पर वे सड़क किनारे डबरी के पास बैठकर आराम करने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया और सुनसान जगह पर ले गए। उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर पेट, गर्दन और छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने मारपीट कर मोबाइल का पासवर्ड, Google Pay और BHIM UPI की जानकारी हासिल कर ली।
UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराकर दूसरे गांव में रखा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्रोफेसर के मोबाइल से एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। परिजनों को संदेह न हो, इसके लिए प्रोफेसर से घर फोन करवाकर सामान्य बातचीत भी कराई गई। इसके बाद उन्हें थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी स्थित एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।
बातचीत के दौरान परिजनों को शक हुआ तो वे तलाश करते हुए पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों और ग्रामीणों के आने की भनक लगते ही आरोपी प्रोफेसर को छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुसौर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रोफेसर को सकुशल मुक्त कराया।
तीन दिन पहले बनाई थी अपहरण और लूट की योजना
पुलिस की विवेचना के अनुसार, आरोपियों ने 3 अक्टूबर को सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पर मिलकर अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई थी। इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम मोटरसाइकिल से जकेला पहुंचे और प्रोफेसर को अकेले देखकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पहले सुनील सारथी को घटना के 24 घंटे के भीतर सारंगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
पूछताछ और उससे मिले तथ्यों के आधार पर मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके भाई नरेंद्र उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने नौकरीपेशा व्यक्ति को आसान निशाना समझकर उसके परिवार से रकम ऐंठने की मंशा से साजिश रची थी। मामले में डिजिटल लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की आगे जांच की जा रही है।
₹99,100 नकद और वारदात में इस्तेमाल सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल ₹99,100 नकद, एक मोटरसाइकिल, एक चाकू और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत पहले हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- सुनील कुमार विशाल उर्फ सुनील सारथी, उम्र 32 वर्ष, निवासी छातामुड़ा, वार्ड नंबर 41, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़।
- राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उम्र 35 वर्ष, निवासी जकेला, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
- नरेंद्र महंत उर्फ नंदू महंत, उम्र 34 वर्ष, निवासी जकेला, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
- दिनेश सारथी, उम्र 34 वर्ष, निवासी औरदा, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रिकेन्द्र चंद्राकर, प्रधान आरक्षक चंद्रहास नायक, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, महेश चौहान, ठंडाराम गुप्ता, तारिक अनवर, महिला आरक्षक किशोरी चौहान और कंप्यूटर ऑपरेटर कैलाश गुप्ता की भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपहरण और लूट जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और अपराधियों को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।


