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सारंगढ़ बिलाईगढ़// थाना सरसीवां पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दिल दहला देने वाली यह वारदात एक 80 वर्षीय वृद्धा मंझलीबाई की हत्या से जुड़ी है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की साजिश भी रची गई थी।
हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मंझलीबाई के ही गोद लिए बेटे भजनलाल कठौतिया ने रची थी। उसने अपनी पत्नी नोनीबाई के साथ मिलकर गांव के युवक राजा कुर्रे को 40 हजार रुपए की सुपारी दी थी। राजा ने अपने साथी सावनदास मानिकपुरी के साथ मिलकर मंझलीबाई की प्लास्टिक बोरी के धागे से बनी गेरुआ रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी।
हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश
घटना 15 जुलाई की रात की है। मंझलीबाई खाना खाकर कमरे में सो गई थी। 16 जुलाई की सुबह जब वो बाहर नहीं आई, तो गांववालों ने दरवाजा खोला और देखा कि वह मृत पड़ी है। दरवाजा अंदर से बंद था और गले में पहनी रेशमी धागे में चाबी उलझी हुई थी, जिसे देखकर पहली नजर में यह आत्महत्या का मामला लगा।
मगर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गांववालों के बयानों के आधार पर मर्ग क्रमांक 43/25 से मामला आगे बढ़ा और बीएनएस की धारा 103(1), 238 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू हुई।
कड़ाई से पूछताछ में हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान पहले आरोपी मुकरते रहे, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से सवाल किए तो भजनलाल ने कबूल किया कि मंझलीबाई बार-बार उसकी शिकायतें थाने, एसपी ऑफिस और कलेक्टर तक कर रही थी जिससे वह और उसका परिवार परेशान हो गया था। इसी वजह से उसने उसकी हत्या की योजना बनाई और सुपारी देकर उसे मरवा दिया।
हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए, आरोपीगणों ने हत्या के बाद चाबी को मंझलीबाई की चूड़ी में फंसा दिया और दरवाजा अंदर से बंद कर खिड़की से भाग निकले। सुबह गांववालों को बताया गया कि मंझलीबाई ने आत्महत्या कर ली है।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने चारों आरोपियों —
- भजनलाल कठौतिया (48 वर्ष)
- नोनीबाई कठौतिया (45 वर्ष)
- राजा कुर्रे (20 वर्ष)
- सावनदास मानिकपुरी (24 वर्ष)
को शनिवार 19 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


