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भिलाई// छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर थाना क्षेत्र में कथित MMS मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव शनिवार को भिलाई नगर थाने पहुंचे और पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने जांच में सहयोग करते हुए अपना फोटो और वीडियो सैंपल भी पुलिस को सौंपा, जिसे अब आगे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
थाने पहुंचने से पहले विधायक ने मीडिया से बातचीत की और पूरे मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कथित वीडियो विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान वायरल किया गया था, जिसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना और जनता के बीच भ्रम फैलाना था। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी और साजिश करार दिया।
विधायक ने बताया कि इस मामले में उन्होंने खुद ही तीन साल पहले प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि इतनी गंभीर शिकायत के बावजूद जांच में हो रही देरी कई सवाल खड़े करती है।
नोटिस को लेकर भी विधायक ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक सप्ताह पहले नोटिस मिला, जिसमें 6 अप्रैल को सुबह 11 बजे थाने में उपस्थित होने के लिए कहा गया था, जबकि नोटिस उसी दिन दोपहर 1 बजे उनके पास पहुंचा। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह नोटिस किसी दबाव में भेजा गया है।
यह मामला वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था, जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। उस वीडियो में एक युवक और युवती आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे थे। उस समय विपक्षी दल भाजपा ने आरोप लगाया था कि वीडियो में दिख रहा युवक विधायक देवेंद्र यादव हैं। हालांकि विधायक ने उस समय भी इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया था।
पुलिस ने अब विधायक द्वारा दिए गए फोटो और वीडियो सैंपल को रिकॉर्ड में सुरक्षित कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन सैंपल्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है।


