कोयला कारोबारियों पर इनकम टैक्स की रेड, 1 करोड़ की ज्वेलरी सीज, 15 ठिकानों पर जांच जारी..

शेयर करें...

रायपुर// छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबार से जुड़े बड़े समूहों पर आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने बेहिसाब ज्वेलरी बरामद की, जिसका मूल्यांकन करने के बाद लगभग 1 करोड़ रुपये की ज्वेलरी को सीज कर दिया गया। बरामद आभूषणों में सोना, चांदी और प्लेटिनम की ज्वेलरी शामिल बताई जा रही है। आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में सीमित ठिकानों पर केंद्रित रही। अधिकारियों के अनुसार, जांच अब प्रमुख कोयला कारोबारी समूहों के दफ्तरों, आवासों और गोदामों तक सिमट गई है।

Join WhatsApp Group Click Here

किन ठिकानों पर जारी रही कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई का दायरा कोयला कारोबारी फील ग्रुप के समूह चेयरमैन प्रवीण झा, उनके भाई ललित झा तथा तिरूपति मिनरल्स से जुड़े अंशुमान अग्रवाल और प्रमोद अग्रवाल के कुल 15 ठिकानों पर केंद्रित रही। इन स्थानों में प्रमुख कार्यालय, घर और व्यावसायिक परिसरों को शामिल किया गया है।

आयकर विभाग की टीमें इन ठिकानों पर वित्तीय दस्तावेजों, निवेश, संपत्ति, लेन-देन और अन्य कारोबारी गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही हैं। साथ ही लक्जरी वाहनों, महंगे सामान, आलीशान बंगलों और फर्म के आधुनिकीकरण में हुए खर्च का भी मिलान किया जा रहा है।

बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की जांच

आयकर विभाग के अधिकारियों ने संबंधित कारोबारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के साथ-साथ कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बैकअप लिया जा रहा है।अधिकारियों का कहना है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जाएगी, जिससे संभावित कर अनियमितताओं और वित्तीय लेन-देन की सटीक जानकारी मिल सके।

150 सदस्यीय संयुक्त टीम की कार्रवाई

बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश की 150 सदस्यीय संयुक्त टीम ने 12 फरवरी को व्यापक कार्रवाई शुरू की थी। इस दौरान दोनों जिलों में कुल 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

स्टॉक और रजिस्टर में विसंगति

जांच के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, कोयला कारोबारी समूहों के विभिन्न साइडिंग एरिया में निर्धारित मात्रा से कई गुना अधिक कोयला स्टॉक मिला है। आश्चर्यजनक रूप से, इस अतिरिक्त स्टॉक का उल्लेख स्टॉक रजिस्टर में नहीं किया गया था।इसके अलावा, कोयले के परिवहन में लगी गाड़ियों की संख्या को लेकर भी विसंगतियां पाई गई हैं। रिकॉर्ड में सीमित वाहन दर्शाए गए थे, जबकि मौके पर दर्जनों मालवाहक वाहनों द्वारा कोयले का परिवहन किया जा रहा था।

जांच जारी, आगे की कार्रवाई संभव

आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। बरामद दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Scroll to Top