लाल साड़ी पहनकर सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का प्रदर्शन, मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी..

शेयर करें...

सारंगढ़-बिलाईगढ़// अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मंगलवार को लाल साड़ी पहनकर सारंगढ़ के मुड़ा तालाब के पास एकदिवसीय धरने पर बैठीं। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नियमितीकरण सहित अपनी मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के लिए मजबूर होंगी।

Join WhatsApp Group Click Here

नियमितीकरण और 30 हजार रुपये मानदेय की मांग

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की प्रमुख मांग नियमितीकरण है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता, तब तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये और सहायिकाओं को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। इसके अलावा सहायिकाओं को कार्यकर्ता और कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर सीधे पदोन्नति देने की मांग की गई। इसके लिए उम्र की सीमा समाप्त करने की भी मांग रखी गई है।

बीमा, पेंशन और रिटायरमेंट पर मिले लाभ

प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और पीएफ जैसी सुविधाएं देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी उन्हें भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं मिलनी चाहिए। सेवाकाल के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने तथा सेवानिवृत्ति के समय कार्यकर्ता को 5 लाख और सहायिका को 3 लाख रुपये देने की मांग की गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की तर्ज पर हर साल मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि करने की मांग भी शामिल है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज

धरने के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहारती अनंत ने कहा कि कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रही हैं। पहले भी सरकार के सामने अपनी बात रखी गई, लेकिन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वे नियमितीकरण कराकर रहेंगी और यदि इस बार भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

एकदिवसीय धरने के जरिए कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। अब उनकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल तक ले जाया जा सकता है।

Scroll to Top