शेयर करें...
रायगढ़// रायगढ़ जिले की कानून व्यवस्था को नई धार देने और प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने एक ऐतिहासिक स्थानांतरण आदेश जारी किया है। इसे जिले के पुलिस विभाग में अब तक की सबसे बड़ी सर्जरी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें एक साथ 219 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए हैं। एसएसपी के इस कड़े फैसले ने जिले के उन पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा दिया है जो सालों से एक ही थाने या चौकी में अपनी जड़ें जमाए बैठे थे।
क्यों जरूरी थी यह ‘सर्जरी’?
पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि इस थोक तबादले के पीछे एसएसपी का मुख्य उद्देश्य ‘जमे हुए सिस्टम’ को तोड़ना है। अक्सर देखा जाता है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थ रहने से मैदानी अमले की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और स्थानीय स्तर पर अनचाहे गठजोड़ पनपने लगते हैं। एसएसपी के इस चाबुक से न केवल थानों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि नई पदस्थापनाओं से जिले की सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों पर नकेल कसने की रणनीति में नयापन आएगा।
एक SI और 12 ASI का तबादला
स्थानांतरण सूची के अनुसार, उप निरीक्षक दिलीप कुमार बेहरा को कोतवाली थाने से हटाकर पूंजीपथरा थाने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक उप निरीक्षक (ASI) स्तर पर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिसमें ज्योत्सना शर्मा को रक्षित केन्द्र (सीसीटीएनएस शाखा) से सायबर सेल भेजा गया है। इसी तरह, रामसजीवन वर्मा को घरघोड़ा से धरमजयगढ़ और राकेश कुमार शर्मा को कोतवाली से यातायात विभाग में पदस्थ किया गया है। प्रशासनिक कसावट को ध्यान में रखते हुए डेविड टोप्पो को धरमजयगढ़ से घरघोड़ा, जबकि मनमोहन बैरागी को पुसौर से कोतरारोड भेजा गया है। उमाशंकर विश्वाल अब पुसौर के बजाय पूंजीपथरा में अपनी सेवाएं देंगे, वहीं प्रेम साय भगत को यातायात से पुसौर स्थानांतरित किया गया है। सूची में आगे जयराम सिदार को पूंजीपथरा से रक्षित केन्द्र और भागीरथी चौधरी को जूटमिल से चक्रधरनगर भेजा गया है। इसके अलावा, राजेन्द्र कुमार पटेल को यातायात से जूटमिल, हेमंत कश्यप को लैलूंगा से रक्षित केंद्र और परमेश्वर सिंह को कापू से लैलूंगा थाने में नई पदस्थापना दी गई है।
मैदानी अमले में भारी फेरबदल
पुलिसिंग की मुख्य रीढ़ माने जाने वाले मध्यम और निचले स्तर के अमले में भी व्यापक परिवर्तन किया गया है। इस पूरी सूची में 49 प्रधान आरक्षक और 157 आरक्षक के नाम शामिल हैं। इन तबादलों में उन जवानों को भी फील्ड पर भेजा गया है जो लंबे समय से रक्षित केंद्र या विशेष शाखाओं में तैनात थे। आदेश में सख्त हिदायत दी गई है कि सभी 219 पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करेंगे।



