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रायपुर// छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन अब और उग्र हो गया है। आंदोलन के आठवें दिन दुर्ग में अतिथि शिक्षकों ने हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों तक बच्चों को पढ़ाने के बाद अब उन्हें अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और बीच-बीच में हो रही बेमौसम बारिश के बावजूद शिक्षक धरना स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं, जिनमें कई अपने छोटे बच्चों के साथ धरना दे रही हैं।
शिक्षा मंत्री के पुराने वादे की दिलाई याद
प्रदर्शन के दौरान अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के पुराने ‘अनुशंसा पत्र’ का बड़ा पोस्टर बनाकर प्रदर्शित किया। उनका कहना है कि विपक्ष में रहते हुए नियमितीकरण का समर्थन करने वाले नेता अब सरकार में आने के बाद अपने वादे भूल गए हैं। शिक्षकों ने सरकार से अपना वादा निभाने की मांग की।
हक की आर-पार की लड़ाई
धरना स्थल पर पहुंचे कई शिक्षकों ने बताया कि वे अपने परिवार और गर्भवती पत्नियों को घर छोड़कर इस आंदोलन में शामिल होने आए हैं। उनका कहना है कि यह केवल नौकरी का नहीं, बल्कि सम्मान और भविष्य का सवाल है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों तक स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिली। अब सरकार से न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
खुले आसमान के नीचे जारी रहेगी तपस्या
अतिथि शिक्षकों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक नियमितीकरण सहित उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि खुले आसमान के नीचे उनकी यह “तपस्या” तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती।


