प्रेग्नेंसी में लिंग परीक्षण और विज्ञापन प्रतिबंधित, पीसीपीएनडीटी की जिला सलाहकार नई समिति की हुई पहली बैठक..

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सारंगढ़ बिलाईगढ़// बेटी बचाओं अभियान और समान लिंगानुपात को सुचारु संचालन तथा बालिका भ्रूण का क्लिनिक और हॉस्पिटल में किए जाने वाले गर्भपात (एबॉर्शन) के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय रानीसागर सारंगढ़ में बुधवार को गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) की नये जिला सलाहकार समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। गर्भ में पल रहे शिशु के अवैध लिंग परीक्षण करना अपराध है

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इस बैठक में सभी नये सदस्यों को शामिल किया गया और उन्हें गर्भ में पल रहे शिशु के अवैध लिंग परीक्षण करने वाले नर्सिंग होम और हॉस्पिटल की शिकायत और जांच में अवैध लिंग परीक्षण करते पाए जाने पर उनकी वैधता समाप्त करने की कार्यवाही कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला सलाहकार समिति के माध्यम से करने की जानकारी दी गई। साथ ही जिले में 12 संचालित केंद्र जिसमें 3 नवीन नर्सिंग होम सारंगढ़ के त्रिपाठी और जेजेएम तथा बेलटिकरी की जीवनरेखा जो सोनोग्राफी की लाइसेंस की मांग करते हैं उनके दस्तावेज का अवलोकन कर अनुमति के लिए सदस्यों से हस्ताक्षर कराये गए।

शिकायत हेतु नंबर और शिकायतकर्ताओ के नाम रहेगा गोपनीय

कलेक्टर और एसडीएम कार्यालय में तथा जिला सलाहकार समिति के सदस्यों के पास प्रेग्नेंसी में लिंग परीक्षण करने वालों हॉस्पिटल और क्लिनिक की शिकायत की जा सकती है। शिकायतकर्ताओ के नाम गोपनीय रखा जाएगा। जिला सलाहकार समिति के सदस्यों के मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर शिकायत कर सकते हैं इनमें डॉ सुनील पाण्डेय 8817227322, डॉ भारती पटेल 7974593047, डॉ दिव्या जोशी 7898422779, महिमा साहू 9691108781, सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र अग्रवाल 9425571333, नारद श्रीवास 9301159690, महेश 9993397037 और प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी देवराम यादव 6232007013 है।

प्रतिबंध, अपराध और सजा

पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व लिंग अवधारणसंबंधी विज्ञापन का प्रतिषेध और उसके उल्लंघन के लिए दंड अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, संगठन, आनुवंशिकी सलाह केंद्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला या आनुवंशिकी क्लिनिक, जिसके अंतर्गत ऐसा क्लिनिक, प्रयोगशाला या केंद्र भी है, जिसमें अल्ट्रासाउंड मशीन, इमेजिंग मशीन या स्कैनर या कोई अन्य ऐसी प्रौद्योगिकी है, जो भूण के लिंग का अवधारण करने और ऐसे केन्द्र, प्रयोगशाला जारी, प्रकाशित, करने में समर्थ है, प्रसवपूर्व लिंग अवधारण या गर्भधारण पूर्व लिंग चयन की सुविधाओं के बारे में, जो किसी अन्य स्थान पर उपलब्ध है। कोई विज्ञापन, किसी भी रूप में, जिसके अंतर्गत इंटरनेट भी है, नहीं करेगा या जारी, प्रकाशित वितरित या संसूचित नहीं करवाएगा। कोई भी व्यक्ति या ऐसे संगठन, जिसके आनुवंशिकी सलाह केंद्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला या आनुवंशिकी क्लिनिक भी है। किसी भी प्रकार के साधनों के द्वारा चाहे वह वैज्ञानिक हो या अन्य, लिंग के प्रसवपूर्व अवधारण या गर्भधारण पूर्व चयन के संबंध में किसी रीति में कोई विज्ञापन जारी, प्रकाशित, वितरित, संसूचित नहीं करेगा या जारी, प्रकाशित, वितरित या संमूचित नही करवाएगा। ऐसा कोई व्यक्ति, जो उपधारा (1) या उपधारा (2) के उपबंधों का उल्लंघन करेगा, ऐसे व्यक्ति को 3 वर्ष तक का कारावास और 10 हजार रुपए तक का जुर्माना दंडनीय होगा। दूसरी बार अपराध करने पर 5 साल की सजा और 50 हजार जुर्माना, हॉस्पिटल या क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड या निरस्त किया जाएगा।

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