छत्तीसगढ़ के चार अभ्यर्थियों ने UPSC में लहराया परचम, दर्शना को 383वीं, तो DSP डायमंड को 623वीं रैंक..

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रायपुर// संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रदेश के चार अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। सफल अभ्यर्थियों में रायपुर के रौनक अग्रवाल, महासमुंद के संजय डहरिया, एमसीबी जिले की दर्शना सिंह और धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव शामिल हैं।

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दर्शना सिंह को मिली 383वीं रैंक

एमसीबी जिले की दर्शना सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 383वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी का माहौल है। दर्शना सिंह के पिता अरुण सिंह राशन दुकान संचालक हैं, जबकि उनकी माता सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर की भाजपा पार्षद हैं। साधारण परिवार से आने वाली दर्शना ने कठिन परिश्रम और निरंतर अध्ययन के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पास किया है। उनकी इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए होने की पूरी संभावना है। दर्शना की सफलता के बाद जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

डायमंड सिंह को मिली 623वीं रैंक

वहीं धमतरी जिले के परसवानी गांव के रहने वाले डायमंड सिंह ध्रुव ने 623वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि वे पहले ही छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा में सफल होकर डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। उनकी इस नई उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत और समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

रौनक को 772वीं और संजय को 946वीं रैंक

रायपुर के मोवा निवासी रौनक अग्रवाल को इस परीक्षा में 772वीं रैंक मिली है। रौनक मूलतः रायगढ़ जिले के निवासी हैं और रायपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। इसी तरह महासमुंद के रहने वाले संजय डहरिया ने 946वीं रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है।

खास बात यह रही कि यूपीएससी के इंटरव्यू से पहले रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया दोनों ही रायपुर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मॉक इंटरव्यू में शामिल हुए थे। उस दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने दोनों अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया था और उन्हें इंटरव्यू के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे। बाद में दोनों अभ्यर्थी अंतिम परिणाम में सफल रहे। उनकी सफलता की खबर मिलने के बाद कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह स्वयं उनके घर पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।

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