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कोरबा// प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में वित्तीय अनियमितता के मामले में कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कराई गई जांच के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में अनियमितता सामने आने पर जिला पंचायत सीईओं ने ग्राम पंचायत तिलकेजा से जुड़े पांच संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
वहीं मामले में छह आरोपियों सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उरगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आवास की राशि असंबद्ध बैंक खातों में अंतरित किए जाने की शिकायत के बाद जिला स्तरीय जांच कराई गई थी।
जानकारी के मुताबिक मामला ग्राम पंचायत तिलकेजा, जनपद पंचायत कोरबा का है। ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत कर आरोप लगाया था कि 48 अपात्र हितग्राहियों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि आवास की किश्त की राशि संबंधित हितग्राहियों के खातों में भेजने के बजाय अन्य परिवारों और व्यक्तियों के बैंक खातों में अंतरित की गई। शिकायत में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी आवास की किश्त जारी कर राशि आहरित किए जाने और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने मामले की जांच के लिए जिला स्तरीय जांच दल का गठन किया था। जांच के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन से जुड़े कई अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की गई।
जांच प्रतिवेदन में ब्लॉक समन्वयक आवास, तकनीकी सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और आवास मित्र की भूमिका में अनियमितता पाए जाने का उल्लेख किया गया। इसके बाद संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। प्राप्त जवाबों का परीक्षण करने के बाद उन्हें संतोषजनक नहीं पाए जाने पर पांचों संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की गई।
इस मामले में ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है। उन्हें पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है और उनके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है। वहीं जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में संलिप्त पाए गए छह आरोपियों सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उरगा पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में आवास की राशि के गलत खातों में अंतरण और अपात्र लोगों के नाम पर स्वीकृति से जुड़े आरोपों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। तिलकेजा पंचायत के इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ अब पुलिस जांच भी आगे बढ़ेगी। FIR के बाद पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि योजना की राशि के अंतरण में किस स्तर पर क्या भूमिका रही और वित्तीय अनियमितता के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।


