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रायगढ़// शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़े भंडार में प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्य कुमुदिनी चौहान के संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शाला विकास समिति के अध्यक्ष पंचानन गुप्ता रहे, जबकि अध्यक्षता ग्राम बड़े भंडार के सरपंच ओमप्रकाश गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शाला विकास समिति के विषय विशेषज्ञ एवं सेवानिवृत्त शिक्षक संतोष प्रधान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत किया गया। नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक, अक्षत एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और सायकल का वितरण किया गया। माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को पुस्तकों का वितरण किया गया, वहीं कक्षा 9वीं की छात्राओं को सायकल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की होनहार छात्रा एवं कक्षा 12वीं वाणिज्य संकाय की छात्रा तनु साव को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि पंचानन गुप्ता ने अपने संबोधन में शिक्षा को प्रकृति से जोड़कर आत्मसात करने की बात कही। उन्होंने मेघ मल्हार का उदाहरण देते हुए शिक्षा, कृषि, गीत-संगीत तथा अन्य विषयों के बीच अंतर्संबंधों को समझने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सरपंच ओमप्रकाश गुप्ता ने अनुशासन, कठिन परिश्रम और निरंतर सीखते रहने की आदत विकसित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का संदेश दिया। वहीं संतोष प्रधान ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता सुरेंद्र चौहान ने किया तथा आभार प्रदर्शन अरुण प्रभा मीरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में व्याख्याता पुष्पांजलि दासे, सबीना खान, तरन्नुम फातमा, लता कोमरे, सुवेशी अनंत, रश्मि पटेल, नंदिनी साहू, एस.एल. सिदार, सुशांत मिश्रा, अनिल ओगरे, वृंदावन गुप्ता, के.सी. गुप्ता, लोकेंद्र डनसेना, नीरज सिंह, सुरेश डेंजारे, हेम सिदार, घनश्याम कृष्ण, रविंद्र टंडन, शेष देव सिदार तथा दुर्गा खूंटे सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


