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मुंगेली// भारत स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले ने अब तूल पकड़ लिया है। जिला संगठन आयुक्त पर लाखों के फर्जीवाड़े के आरोप और एफआईआर की मांग को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद राज्य स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने 10 अप्रैल 2026 को पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है, जिसकी पहली बैठक रायपुर स्थित मुख्यालय में आयोजित होगी।
जांच प्रक्रिया के तहत पूर्व जिला संगठन आयुक्त मोरध्वज सप्रे और वर्तमान जिला सचिव मोनू बेलदार को 13 अप्रैल को राज्य मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। गठित समिति में अशोक कुमार देशमुख (अध्यक्ष), अमित कुमार, पूनम सिंह साहू, जलवती साहू और संतोष कुमार साहू को सदस्य बनाया गया है, जो पूरे मामले की जांच करेंगे।

मामले की जड़ मई 2025 में जारी उस नोटिस से जुड़ी है, जिसमें मोरध्वज सप्रे पर 17 बिंदुओं में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 4 जुलाई 2025 को उन्हें पद से बर्खास्त कर जांच के आदेश दिए गए थे। इसके बाद सप्रे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिससे जांच प्रक्रिया कुछ समय के लिए ठंडी पड़ गई, हालांकि मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है।
हाल ही में सप्रे द्वारा अपनी बहाली को लेकर सक्रियता बढ़ाने और अधिकारियों पर आरोप लगाने के बीच यह मुद्दा फिर चर्चा में आया। शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स को संज्ञान में लेते हुए पहले जिला और अब राज्य स्तर पर जांच कमेटी बनाई गई है। अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि जांच में सप्रे को राहत मिलती है या आरोपों की पुष्टि के बाद उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होती है।




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